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जर्जर स्कूलों में संवर रहा बच्चों का भविष्य
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Fri, 03 Jul 2015 11:04 PM IST
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सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित बेसिक शिक्षा परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को सरकार द्वारा नि:शुल्क पुस्तकें, एमडीएम में दूध, यूनीफॉर्म आदि सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन स्कूलों के भवनों की स्थिति अच्छी नहीं है। विभाग के अधिकारी छात्रों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। विभाग द्वारा जहां बच्चों को शिक्षा दिलाए जाने के लिए भवन बनवाने में लाखों रुपया खर्च किया गया है। उस भवन में चार सालों बाद भी विद्यालय संचालित नहीं हो सका है और जहां भवन नहीं हैं वहां वर्ष 1965 से आज तक भवन नहीं बनवाए जा सके हैं।
शहर के कैलाश गंज स्थित प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर है। टीन शैड के नीचे बिठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। होली मोहल्ला स्थित तकिया में एक ही भवन में तीन प्राथमिक स्कूल चल रहे हैं, भवन जर्जर है। बरसात में छतों से पानी टपकता है, लेकिन विभाग ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
नगर पालिका क्षेत्र मारहरा के अंतर्गत तीन विद्यालय ऐसे हैं जो 1965, 1967 और 1968 से संचालित हैं, जिनमें से एक का भवन बन चुका है लेकिन चार साल से उसमें विद्यालय संचालित न किए जाने के चलते छात्र पेड़ के नीचे शिक्षा पाने को विवश हैं। दो विद्यालयों को आज तक भवन भी नहीं बन सका है। बता दें कि बीएसए के गत 25 अप्रैल को पत्र जारी कर नगर शिक्षा अधिकारी श्रीराम जाटव व महात्मा गांधी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को स्कूल का भवन न होने पर कांशीराम कालोनी में बनवाए गए स्कूल के नए भवन में इसे ले जाने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने इन आदेशों को धता बताते हुए आज तक स्कूल उसमें संचालित नहीं किया है।
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नगर पालिका क्षेत्र के ये तीनों विद्यालय महात्मा गांधी, सरोजनी नायडू एवं प्राथमिक विद्यालय तृतीय तीनों ही नगर पालिका की गलियों या पेड़ के नीचे संचालित हो रहे हैं। वर्षात के दिनों में ये दो से लेकर तीन माह तक बंद रहते हैं क्योंकि इनके बैठने को स्थान नहीं मिल पाता।
बच्चों के लिए बनवाए जाने वाला एमडीएम भी खुले में ही बनता है, जिसमें कभी भी हादसा होने की संभावनाएं बनी रहती हैं। इन सभी विद्यालयों में तीन सौ से ज्यादा छात्रों के लिए एमडीएम बनता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नए भवन में उनके आदेश के बाद भी स्कूल संचालित नहीं किया गया इसकी जानकारी नहीं है, शीघ्र ही विद्यालय को नवीन भवन में संचालित कराया जाएगा। शेष विद्यालयों के लिए अभी जगह नहीं मिली है। जगह मिलते ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
- शौकीन सिंह यादव, बीएसए, एटा।
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शहर के कैलाश गंज स्थित प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर है। टीन शैड के नीचे बिठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। होली मोहल्ला स्थित तकिया में एक ही भवन में तीन प्राथमिक स्कूल चल रहे हैं, भवन जर्जर है। बरसात में छतों से पानी टपकता है, लेकिन विभाग ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
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नगर पालिका क्षेत्र मारहरा के अंतर्गत तीन विद्यालय ऐसे हैं जो 1965, 1967 और 1968 से संचालित हैं, जिनमें से एक का भवन बन चुका है लेकिन चार साल से उसमें विद्यालय संचालित न किए जाने के चलते छात्र पेड़ के नीचे शिक्षा पाने को विवश हैं। दो विद्यालयों को आज तक भवन भी नहीं बन सका है। बता दें कि बीएसए के गत 25 अप्रैल को पत्र जारी कर नगर शिक्षा अधिकारी श्रीराम जाटव व महात्मा गांधी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को स्कूल का भवन न होने पर कांशीराम कालोनी में बनवाए गए स्कूल के नए भवन में इसे ले जाने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने इन आदेशों को धता बताते हुए आज तक स्कूल उसमें संचालित नहीं किया है।
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नगर पालिका क्षेत्र के ये तीनों विद्यालय महात्मा गांधी, सरोजनी नायडू एवं प्राथमिक विद्यालय तृतीय तीनों ही नगर पालिका की गलियों या पेड़ के नीचे संचालित हो रहे हैं। वर्षात के दिनों में ये दो से लेकर तीन माह तक बंद रहते हैं क्योंकि इनके बैठने को स्थान नहीं मिल पाता।
बच्चों के लिए बनवाए जाने वाला एमडीएम भी खुले में ही बनता है, जिसमें कभी भी हादसा होने की संभावनाएं बनी रहती हैं। इन सभी विद्यालयों में तीन सौ से ज्यादा छात्रों के लिए एमडीएम बनता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नए भवन में उनके आदेश के बाद भी स्कूल संचालित नहीं किया गया इसकी जानकारी नहीं है, शीघ्र ही विद्यालय को नवीन भवन में संचालित कराया जाएगा। शेष विद्यालयों के लिए अभी जगह नहीं मिली है। जगह मिलते ही भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
- शौकीन सिंह यादव, बीएसए, एटा।