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Etah News: पिता-ताऊ की मौत के बाद चारों बहनों ने किया चुनौतियों का सामना
Sat, 01 Aug 2026 11:31 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:31 PM IST
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अपनी मां के साथ ज्ञानेश्वरी, मनु, आरती और हिमांशी। स्रोत स्वयं
एटा। चंद दिनों में ही पिता और ताऊ के निधन के बाद परिवार के सिर पर बुजुर्गों का साया नहीं रहा। अब परिवार का भरण-पोषण भी एक समस्या थी और व्यवसाय संभालने वाला भी कोई नहीं था। ऐसे में चारों बहनों ने हिम्मत और एकजुटता दिखाई। उन्होंने समाज के लिए मिसाल पेश करते हुए न सिर्फ पिता के व्यवसाय को संभाला बल्कि परिवार को भी संबल दिया।
यह घटना कस्बा निवासी राकेश पंडित के परिवार की। जीजीआईसी कॉलोनी निवासी राकेश पंडित के बड़े भाई देवेंद्र शर्मा अविवाहित थे और उनके साथ ही रहते थे। दोनों भाइयों ने जीवन में अनेक व्यापार किए, लेकिन उल्लेखनीय सफलता न मिलने पर क्षेत्र में खारे पानी की समस्या होने पर उन्होंने औद्योगिक आस्थान में आरओ पानी का प्लांट लगाया। पानी का व्यापार खूब फला-फूला, सबकुछ अच्छा चल रहा था। अचानक बड़े भाई देवेंद्र का निधन हो गया। इसके बाद राकेश शर्मा का भी दो वर्ष पहले निधन हो गया।
ताऊ और पिता के निधन के बाद उनकी चारों बेटियां अकेली पड़ गईं। पिता के निधन के बाद देख रेख के अभाव में प्लांट का संचालन भी बंद करना पड़ा। कुछ समय बीतने के बाद रोजी-रोटी की समस्या हो गई। बड़ी बेटी ज्ञानेश्वरी पिता के समय से ही पीएचडी कर रही थी, जो पूरी नहीं हो सकी थी। बाकी तीनों बहनें भी पढ़ रहीं थीं। परिवार के भरण पोषण के लिए चारों बहनों ने टूटने की बजाय पिता के व्यवसाय को संभालने का निर्णय लिया। इसमें उनकी मां रेखा देवी ने भी साथ दिया। मां की सहमति मिलने के बाद चारों बहनों ने पिता के पानी के प्लांट को नए सिरे से शुरू किया। बेहतर सेवा देने पर ग्राहकों का भी पूरा सहयोग मिला। कर्मचारियों के न आने पर या लापरवाही करने पर आरती और हिमांशी ने स्वयं टेंपो चलाकर पानी का वितरण किया। उनके हौसले और लगन से स्थिति बेहतर हुई।
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शास्त्रीय संगीत में कॅरिअर बना रही मनु
परिवार में ज्ञानेश्वरी सबसे बड़ी हैं, जो पीएचडी करने के बाद नौकरी की तलाश में हैं। इस समय चंडीगढ़ में मल्टीनेशनल कंपनी में सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले जलेसर के गायत्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं। महिला सशक्तीकरण में बेहतर काम करने पर जलेसर में और विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों में दिल्ली में तीन अवार्ड पा चुकी हैं। संगीत से एमए कर चुकीं मनु की शास्त्रीय संगीत पर अच्छी पकड़ है। भजन-गीत के उनके कई वीडियो प्रसारित हुए हैं। श्रीमद्भागवत कथा करने के साथ ही वह शास्त्रीय संगीत में अपना कैरियर बना रही हैं। आरती बायोलॉजी से एमएससी और हिमांशी बीकॉम कर रही हैं। यह दोनों बहनें पढ़ाई करने के साथ ही पिता के व्यवसाय को पूरी तरह संभाल रही हैं।
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यह घटना कस्बा निवासी राकेश पंडित के परिवार की। जीजीआईसी कॉलोनी निवासी राकेश पंडित के बड़े भाई देवेंद्र शर्मा अविवाहित थे और उनके साथ ही रहते थे। दोनों भाइयों ने जीवन में अनेक व्यापार किए, लेकिन उल्लेखनीय सफलता न मिलने पर क्षेत्र में खारे पानी की समस्या होने पर उन्होंने औद्योगिक आस्थान में आरओ पानी का प्लांट लगाया। पानी का व्यापार खूब फला-फूला, सबकुछ अच्छा चल रहा था। अचानक बड़े भाई देवेंद्र का निधन हो गया। इसके बाद राकेश शर्मा का भी दो वर्ष पहले निधन हो गया।
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ताऊ और पिता के निधन के बाद उनकी चारों बेटियां अकेली पड़ गईं। पिता के निधन के बाद देख रेख के अभाव में प्लांट का संचालन भी बंद करना पड़ा। कुछ समय बीतने के बाद रोजी-रोटी की समस्या हो गई। बड़ी बेटी ज्ञानेश्वरी पिता के समय से ही पीएचडी कर रही थी, जो पूरी नहीं हो सकी थी। बाकी तीनों बहनें भी पढ़ रहीं थीं। परिवार के भरण पोषण के लिए चारों बहनों ने टूटने की बजाय पिता के व्यवसाय को संभालने का निर्णय लिया। इसमें उनकी मां रेखा देवी ने भी साथ दिया। मां की सहमति मिलने के बाद चारों बहनों ने पिता के पानी के प्लांट को नए सिरे से शुरू किया। बेहतर सेवा देने पर ग्राहकों का भी पूरा सहयोग मिला। कर्मचारियों के न आने पर या लापरवाही करने पर आरती और हिमांशी ने स्वयं टेंपो चलाकर पानी का वितरण किया। उनके हौसले और लगन से स्थिति बेहतर हुई।
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शास्त्रीय संगीत में कॅरिअर बना रही मनु
परिवार में ज्ञानेश्वरी सबसे बड़ी हैं, जो पीएचडी करने के बाद नौकरी की तलाश में हैं। इस समय चंडीगढ़ में मल्टीनेशनल कंपनी में सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले जलेसर के गायत्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं। महिला सशक्तीकरण में बेहतर काम करने पर जलेसर में और विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों में दिल्ली में तीन अवार्ड पा चुकी हैं। संगीत से एमए कर चुकीं मनु की शास्त्रीय संगीत पर अच्छी पकड़ है। भजन-गीत के उनके कई वीडियो प्रसारित हुए हैं। श्रीमद्भागवत कथा करने के साथ ही वह शास्त्रीय संगीत में अपना कैरियर बना रही हैं। आरती बायोलॉजी से एमएससी और हिमांशी बीकॉम कर रही हैं। यह दोनों बहनें पढ़ाई करने के साथ ही पिता के व्यवसाय को पूरी तरह संभाल रही हैं।