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Etah News: आगरा के युवक की हत्या के केस में आरोपी दोषमुक्त
Tue, 26 Aug 2025 12:29 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:29 AM IST
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एटा। आगरा के युवक की हत्या का आरोप अपर सत्र न्यायाधीश सुधा के न्यायालय में साबित नहीं हो सका। दोनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया है। सवाल फिर वही आ खड़ा हुआ है कि आखिर हत्या किसने की थी?
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 13 जुलाई 2012 को मिरहची थाना क्षेत्र के अंतर्गत कासगंज रोड पर गांव अमृतपुर के पास युवक का शव मिला। उसके सिर में गोली लगी थी। पहचान न होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। इसमें भी गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। 4 जुलाई 2013 को थाने पर पहुंचकर योगेश कुमार फौजदार निवासी प्रेम विहार दयाल बाग थाना न्यू विहार जिला आगरा ने पुलिस से संपर्क किया। मृतक के कपड़ों और फोटो के आधार पर उसकी पहचान छोटे भाई राहुल फौजदार (22) के रूप में की।
इसके बाद प्रार्थनापत्र दिया कि राहुल को उसके दोस्त आशीष अग्रवाल उर्फ आशू निवासी देवीराम धांधूपुरा आगरा, शंभू सक्सेना निवासी निराला नगर नगला पदी आगरा तथा शेखर शर्मा निवासी बल्केश्वर आगरा 2 जुलाई 2012 को कार से ले गए।
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इन लोगों के साथ राहुल लौटकर नहीं आया। पूछने पर इन लोगों ने बताया कि राहुल मुंबई या जयपुर में कुछ काम-धंधा करने गया है। योगेश ने आगे बताया कि 3 जुलाई 2013 को दोबारा पूछे जाने पर इन लोगों ने बताया कि एटा से आगे चलकर रास्ते में झगड़ा होने पर राहुल के सिर में गोली मार दी और उसकी लाश को सड़क किनारे गिरा दिया था।
पुलिस ने विवेचना कर तीनों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र भेज दिए। यहां हाजिर न होने पर आशीष अग्रवाल का मामला अलग कर दिया गया। अदालत में पंचायतनामा से संबंधित लोगों की गवाही हुई तो किसी ने भी हत्या किए जाने की और आरोपियों को देखे जाने की पुुष्टि नहीं की। ऐसी परिस्थिति में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा है। शंभू और शेखर को दोषमुक्त करार दिया।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक 13 जुलाई 2012 को मिरहची थाना क्षेत्र के अंतर्गत कासगंज रोड पर गांव अमृतपुर के पास युवक का शव मिला। उसके सिर में गोली लगी थी। पहचान न होने पर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। इसमें भी गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई। 4 जुलाई 2013 को थाने पर पहुंचकर योगेश कुमार फौजदार निवासी प्रेम विहार दयाल बाग थाना न्यू विहार जिला आगरा ने पुलिस से संपर्क किया। मृतक के कपड़ों और फोटो के आधार पर उसकी पहचान छोटे भाई राहुल फौजदार (22) के रूप में की।
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इसके बाद प्रार्थनापत्र दिया कि राहुल को उसके दोस्त आशीष अग्रवाल उर्फ आशू निवासी देवीराम धांधूपुरा आगरा, शंभू सक्सेना निवासी निराला नगर नगला पदी आगरा तथा शेखर शर्मा निवासी बल्केश्वर आगरा 2 जुलाई 2012 को कार से ले गए।
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इन लोगों के साथ राहुल लौटकर नहीं आया। पूछने पर इन लोगों ने बताया कि राहुल मुंबई या जयपुर में कुछ काम-धंधा करने गया है। योगेश ने आगे बताया कि 3 जुलाई 2013 को दोबारा पूछे जाने पर इन लोगों ने बताया कि एटा से आगे चलकर रास्ते में झगड़ा होने पर राहुल के सिर में गोली मार दी और उसकी लाश को सड़क किनारे गिरा दिया था।
पुलिस ने विवेचना कर तीनों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र भेज दिए। यहां हाजिर न होने पर आशीष अग्रवाल का मामला अलग कर दिया गया। अदालत में पंचायतनामा से संबंधित लोगों की गवाही हुई तो किसी ने भी हत्या किए जाने की और आरोपियों को देखे जाने की पुुष्टि नहीं की। ऐसी परिस्थिति में अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा है। शंभू और शेखर को दोषमुक्त करार दिया।