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शिक्षक संघ ने आदेश पर जताया विरोध
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 21 Nov 2015 06:00 PM IST
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आरक्षण के आधार पर पदोन्नत हुए शिक्षकों की पदावनति से पहले ही लाभार्थी आक्रामक हो गए हैं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पदावनति कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए इस पर रोक की मांग की।
ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि शासन के आदेशानुसार प्रदेश के विभिन्न विभागों में आरक्षण के आधार पर 15 नवंबर 1997 से 28 अप्रैल 2004 तक अनुसूचित जाति कोटे से पदोन्नति पाए 20807 कार्मिकों में से 15226 को पदावनति कर दिया गया। जबकि शेष 5581 कार्मिकों में से 5080 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 350 की असामयिक मौत हो चुकी है। 135 कार्मिकों का उत्तराखंड में समायोजन एवं छह कार्मिक सेवा से त्यागपत्र दे चुके हैं।
साथ ही दस बर्खास्त हो चुके हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव ने इसकी पुष्टि करते हुए उच्च न्यायालय में दायर शपथपत्र में कहा कि आरक्षण के आधार पर पदोन्नति पाए समस्त कार्मिकों की पदोन्नति कर दी गई है। बावजूद इसके अनुसूचित जाति के शिक्षकों को तीन दिन में पदावनित करने के आदेश नियम विरुद्ध ही नहीं वरन उत्पीड़न का प्रमाण है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष शशिकांत, वीरपाल सिंह, अभिलाष, धीरेश कुमार, विनय चंद्रा, राजेश कुमार, जयंत मौर्या, राहुल कुमार, सतीश कुमार, रत्नेश आदि प्रमुख थे। विभगीय सूत्रों के आधार पर जिले में आरक्षण के आधार पर पदोन्नत शिक्षकों की संख्या चार सौ से अधिक है।
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ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि शासन के आदेशानुसार प्रदेश के विभिन्न विभागों में आरक्षण के आधार पर 15 नवंबर 1997 से 28 अप्रैल 2004 तक अनुसूचित जाति कोटे से पदोन्नति पाए 20807 कार्मिकों में से 15226 को पदावनति कर दिया गया। जबकि शेष 5581 कार्मिकों में से 5080 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 350 की असामयिक मौत हो चुकी है। 135 कार्मिकों का उत्तराखंड में समायोजन एवं छह कार्मिक सेवा से त्यागपत्र दे चुके हैं।
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साथ ही दस बर्खास्त हो चुके हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव ने इसकी पुष्टि करते हुए उच्च न्यायालय में दायर शपथपत्र में कहा कि आरक्षण के आधार पर पदोन्नति पाए समस्त कार्मिकों की पदोन्नति कर दी गई है। बावजूद इसके अनुसूचित जाति के शिक्षकों को तीन दिन में पदावनित करने के आदेश नियम विरुद्ध ही नहीं वरन उत्पीड़न का प्रमाण है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष शशिकांत, वीरपाल सिंह, अभिलाष, धीरेश कुमार, विनय चंद्रा, राजेश कुमार, जयंत मौर्या, राहुल कुमार, सतीश कुमार, रत्नेश आदि प्रमुख थे। विभगीय सूत्रों के आधार पर जिले में आरक्षण के आधार पर पदोन्नत शिक्षकों की संख्या चार सौ से अधिक है।
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