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‘स्वाइन फ्लू को आयुर्वेद दे सकता है मात’
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Sat, 21 Feb 2015 11:57 PM IST
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एटा। सूबे के लोगों में दहशत का कारण बना स्वाइन फ्लू को आयुर्वेद से मात दी जा सकती है। शहर के आयुर्वेद के प्रमुख चिकित्सक ने बीमारी के उपचार के लिए लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा के उपाय बताए हैं।
आयुर्वेद चिकित्सक राघवेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस लाई इलाज बीमारी के लक्षणों की जानकारी होने पर 10 लोग दो लीटर पानी में डालकर 20 मिनट तक गर्म करके इसे पीने से लाभ होता है। चाय में अदरक के साथ दो तुलसी के पत्ते डाल लें। शुद्ध फिटकरी 125 मिली ग्राम सुबह शाम गर्म पानी से लें।
नीम की छाल, गिलोय, सोंठ चिरायता, पीपल, बड़ी कंटकारी कचूर, पुष्करमूल, देवदारू प्रत्येक 5.5 ग्राम कूटकर 200 मिली पानी में उबालें। जब पानी 50 मिली शेष रह जाए तो इसे सुबह शाम पिये। साथ ही आयुर्वेद की दवाओं के साथ- साथ एलोपैथिक दवाऐं भी ले सकते हैं।
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क्या हैं लक्षण
सर्दी, जुकाम, नाक बहना, गले में खराश, छींक, बुखार आदि।
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आयुर्वेद चिकित्सक राघवेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस लाई इलाज बीमारी के लक्षणों की जानकारी होने पर 10 लोग दो लीटर पानी में डालकर 20 मिनट तक गर्म करके इसे पीने से लाभ होता है। चाय में अदरक के साथ दो तुलसी के पत्ते डाल लें। शुद्ध फिटकरी 125 मिली ग्राम सुबह शाम गर्म पानी से लें।
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नीम की छाल, गिलोय, सोंठ चिरायता, पीपल, बड़ी कंटकारी कचूर, पुष्करमूल, देवदारू प्रत्येक 5.5 ग्राम कूटकर 200 मिली पानी में उबालें। जब पानी 50 मिली शेष रह जाए तो इसे सुबह शाम पिये। साथ ही आयुर्वेद की दवाओं के साथ- साथ एलोपैथिक दवाऐं भी ले सकते हैं।
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क्या हैं लक्षण
सर्दी, जुकाम, नाक बहना, गले में खराश, छींक, बुखार आदि।