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फंगल इंफेक्शन से त्वचा का बिगड़ रहा रंग
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एटा। उमस भरी गर्मी की वजह से लोगों का पसीना नहीं सूख रहा है। इसकी वजह से लोग फंगल इंफेक्शन के शिकार हो रहे हैं और त्वचा का रंग बिगड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हर रोज करीब 150 मरीज परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी 147 मरीजों ने फंगल इंफेक्शन के उपचार के लिए चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया।
वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में गर्मी के साथ-साथ मौसम में उमस काफी हो रही है। इसकी वजह से शरीर का पसीना नहीं सूख पाता है। शरीर के जिस हिस्से पर पसीना ज्यादा रहता है, वहां पर फंगल इंफेक्शन हो जाता है। इसकी वजह से त्वचा का रंग लाल अथवा काला हो जाता है। बताया कि ऐसे मरीजों को लापरवाही नहीं बरती चाहिए, उपचार समय से शुरू करा देने से रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है और परेशानियां भी कम होती हैं।
लाल, काले और सफेद दाग पड़ने पर घबराए नहीं, त्वचा रोग से संबंधित चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। फंगल इंफेक्शन होने पर नियमित स्नान, सुबह-शाम धुले कपड़े पहनने चाहिए। किसी दूसरे के कपड़े न पहने। ऐसा करने से दूसरे लोग भी संक्रमण के शिकार हो सकते हैं। ज्यादा पसीना आने वाले अंगों की सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सौम्या अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में गर्मी के साथ-साथ मौसम में उमस काफी हो रही है। इसकी वजह से शरीर का पसीना नहीं सूख पाता है। शरीर के जिस हिस्से पर पसीना ज्यादा रहता है, वहां पर फंगल इंफेक्शन हो जाता है। इसकी वजह से त्वचा का रंग लाल अथवा काला हो जाता है। बताया कि ऐसे मरीजों को लापरवाही नहीं बरती चाहिए, उपचार समय से शुरू करा देने से रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है और परेशानियां भी कम होती हैं।
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लाल, काले और सफेद दाग पड़ने पर घबराए नहीं, त्वचा रोग से संबंधित चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। फंगल इंफेक्शन होने पर नियमित स्नान, सुबह-शाम धुले कपड़े पहनने चाहिए। किसी दूसरे के कपड़े न पहने। ऐसा करने से दूसरे लोग भी संक्रमण के शिकार हो सकते हैं। ज्यादा पसीना आने वाले अंगों की सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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