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शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:29 PM IST
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तृतीय श्रेणी न्यायिक कर्मियों के वेतन में वृद्धि की शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को लागू न किए जाने से कर्मियों में रोष है। इसके विरोध में कर्मियों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर काम किया और इसे काला दिवस का नाम दिया।
संघ के अध्यक्ष प्रदीप सोलंकी ने कहा कि न्यायिक कर्मियों की समस्याओं के समाधान को बनाए गए शेट्टी कमीशन ने अधीनस्थ न्यायालयों के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों वेतन में बढ़ोत्तरी सहित कई सिफारिशें की गई। एक अप्रेल 2013 से यह सिफारिशें लागू होनी थी, लेकिन पौने तीन साल से अधिक का समय हो जाने के बाद भी सरकार ने इन संस्तुतियों को लागू नहीं किया है। जबकि अन्य प्रदेश में यह संस्तुतियां लागू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जो शासनादेश जारी किए गए उनमें छठवें वेतन आयोग के अनुक्रम में दरों को पुनरीक्षित नहीं किया गया, जिससे न्यायालय कर्मियों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को शीघ्र लागू किया जाए। इस दौरान बीना शर्मा, जहान सिंह, भुवनेश कुमार, प्रमोद कुमार वर्मा, ऋषभ गोयल, अनिल कुमार गौड, प्र्रमोद कुमार गुप्ता, मुन्नालाल, राजीव रघुवंशी आदि मौजूद रहे।
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संघ के अध्यक्ष प्रदीप सोलंकी ने कहा कि न्यायिक कर्मियों की समस्याओं के समाधान को बनाए गए शेट्टी कमीशन ने अधीनस्थ न्यायालयों के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों वेतन में बढ़ोत्तरी सहित कई सिफारिशें की गई। एक अप्रेल 2013 से यह सिफारिशें लागू होनी थी, लेकिन पौने तीन साल से अधिक का समय हो जाने के बाद भी सरकार ने इन संस्तुतियों को लागू नहीं किया है। जबकि अन्य प्रदेश में यह संस्तुतियां लागू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जो शासनादेश जारी किए गए उनमें छठवें वेतन आयोग के अनुक्रम में दरों को पुनरीक्षित नहीं किया गया, जिससे न्यायालय कर्मियों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को शीघ्र लागू किया जाए। इस दौरान बीना शर्मा, जहान सिंह, भुवनेश कुमार, प्रमोद कुमार वर्मा, ऋषभ गोयल, अनिल कुमार गौड, प्र्रमोद कुमार गुप्ता, मुन्नालाल, राजीव रघुवंशी आदि मौजूद रहे।
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