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छात्रवृत्ति आवेदनों की गति काफी धीमी
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 16 Jul 2015 10:53 PM IST
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गुरुवार को अविनाशी सहाय आर्य इंटर कालेज में प्रधानाचार्यों की बैठक को संबोधित करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार गिरि ने कहा कि छात्रवृत्ति आवेदनों को लेकर प्रधानाचार्यों को गंभीरता दिखानी होगी। 31 जुलाई तक के आवेदनों को पूरी जांच के बाद ही अग्रसारित करें। ताकि आवेदनों की त्रुटियों को समय रहते दूर किया जा सके।
जिला समाज कल्याण अधिकारी विजय शंकर तिवारी ने कहा कि निर्देशों के बाद भी छात्रवृत्ति आवेदनों की गति धीमी है। गत वर्ष की तुलना में आज की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष सामान्य वर्ग के 229 नवीनीकरण की तुलना में अभी तक मात्र 34 आवेदन ही हुए हैं। जबकि गत वर्ष नए आवेदन 336 इस बार मात्र 201, गत वर्ष अनुसूचित जाति के 1314 आवेदनों की तुलना में इस बार मात्र 464 आवेदन ही हुए हैं। जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी तूलिका शर्मा ने कहा कि संस्थाओं की उदासीनता के चलते आवेदनों की त्रुटियां दूर नहीं हो पाती। यदि फारवर्ड करने से पहले इनका मिलान किया जाए तो इस परेशानी से बचा जा सकता है।
सर्वाधिक त्रुटियां जाति, निवास एवं आय प्रमाणपत्रों के कोड आदि में होती हैं। उपस्थित लोगों में डा. ज्ञानेंद्र कुदेशिया, डा.दिनेश वशिष्ठ, डा. सुधीर गुप्ता, डा. विनीता तिवारी, शमा रफीक, रंजना सहाय, अनोखे सिंह यादव, मनोज तिवारी, डा.राघवेंद्र मिश्र आदि प्रमुख थे।
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एक ही आय प्रमाणपत्र पर 17 आवेदन
संस्थाओं की उदासीनता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनपद के एक विद्यालय के 17 छात्रों ने एक ही आय प्रमाणपत्र लगाकर छात्रवृत्ति आवेदन कर दिया। इतना ही नहीं संस्था प्रमुख ने भी इस डाटा को बिना जांचे ही जिला विद्यालय निरीक्षक की साइड पर फारवर्ड कर दिया। समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय की जांच यह मामला पकड़ में आया। और सभी आवेदन निरस्त कर दिए गए।
औचक निरीक्षण 21 से
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार गिरि ने प्रधानाचार्यों को आगाह करते हुए कहा कि आगामी 21 तारीख से संस्थाओं का औचक निरीक्षण शुरू किया जाएगा। जनपद के सभी विद्यालयों तक वे पहुंचेंगे। ऐसे में परिसर की सफाई स्वच्छता के साथ ही उन्हें शैक्षिक माहौल में भी सुधार सुनिश्चित करना होगा।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी विजय शंकर तिवारी ने कहा कि निर्देशों के बाद भी छात्रवृत्ति आवेदनों की गति धीमी है। गत वर्ष की तुलना में आज की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष सामान्य वर्ग के 229 नवीनीकरण की तुलना में अभी तक मात्र 34 आवेदन ही हुए हैं। जबकि गत वर्ष नए आवेदन 336 इस बार मात्र 201, गत वर्ष अनुसूचित जाति के 1314 आवेदनों की तुलना में इस बार मात्र 464 आवेदन ही हुए हैं। जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी तूलिका शर्मा ने कहा कि संस्थाओं की उदासीनता के चलते आवेदनों की त्रुटियां दूर नहीं हो पाती। यदि फारवर्ड करने से पहले इनका मिलान किया जाए तो इस परेशानी से बचा जा सकता है।
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सर्वाधिक त्रुटियां जाति, निवास एवं आय प्रमाणपत्रों के कोड आदि में होती हैं। उपस्थित लोगों में डा. ज्ञानेंद्र कुदेशिया, डा.दिनेश वशिष्ठ, डा. सुधीर गुप्ता, डा. विनीता तिवारी, शमा रफीक, रंजना सहाय, अनोखे सिंह यादव, मनोज तिवारी, डा.राघवेंद्र मिश्र आदि प्रमुख थे।
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एक ही आय प्रमाणपत्र पर 17 आवेदन
संस्थाओं की उदासीनता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जनपद के एक विद्यालय के 17 छात्रों ने एक ही आय प्रमाणपत्र लगाकर छात्रवृत्ति आवेदन कर दिया। इतना ही नहीं संस्था प्रमुख ने भी इस डाटा को बिना जांचे ही जिला विद्यालय निरीक्षक की साइड पर फारवर्ड कर दिया। समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय की जांच यह मामला पकड़ में आया। और सभी आवेदन निरस्त कर दिए गए।
औचक निरीक्षण 21 से
जिला विद्यालय निरीक्षक मनोज कुमार गिरि ने प्रधानाचार्यों को आगाह करते हुए कहा कि आगामी 21 तारीख से संस्थाओं का औचक निरीक्षण शुरू किया जाएगा। जनपद के सभी विद्यालयों तक वे पहुंचेंगे। ऐसे में परिसर की सफाई स्वच्छता के साथ ही उन्हें शैक्षिक माहौल में भी सुधार सुनिश्चित करना होगा।