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सब्सिडी का संकट, नहीं मिलेगी राशन की सस्ती चीनी

Sun, 02 Apr 2017 11:32 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Sun, 02 Apr 2017 11:32 PM IST
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sabsidee ka sankat, nahin milegee raashan kee sastee cheenee
चीनी - फोटो : amar ujala
गरीब परिवारों को सरकारी राशन की दुकान से मिल रही सस्ती चीनी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। केंद्र द्वारा प्रदेश सरकार को चीनी पर सब्सिडी देने से इंकार करने पर अप्रैल महीने के कोटे में चीनी नहीं मिली है। इससे गरीबों को सस्ती चीनी राशन की दुकानों से मिलना बंद हो सकता है। सब्सिडी के मुद्दे पर प्रदेश सरकार ने भी चुप्पी साध ली है।
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जिले में अगस्त 2016 में खाद्य सुरक्षा कानून लागू हुआ था। योजना के तहत जिले में 27,162 अंत्योदय और 2,57,882 पात्र गृहस्थी हैं। इन्हें 13.50 पैसे प्रति किग्रा की दर से चीनी मिल रही थी। पात्र गृहस्थी को 900 ग्राम और अंत्योदय को 2 किग्री चीनी मिलती थी। इस महीने से सस्ती चीनी वितरण की व्यवस्था लगभग खत्म होने जा रही है। विभाग की माने तो हर महीने के अंत में गेहूं, चावल, केरोसिन, चीनी आ जाती थी। कोटा आने के बाद ब्लॉक गोदाम से कोटेदारों के माध्यम से राशन कार्ड धारकों को चीनी वितरित कराई जाती थी। डीएसओ गुलाब सिंह यादव का कहना है कि अभी तक अप्रैल महीने की चीनी का कोटा नहीं मिला है। शासन से चीनी सब्सिडी प्रकरण को लेकर कोई निर्देश नहीं आए हैं। दूसरी ओर चीनी की सब्सिडी को लेकर केंद्र ने गेंद प्रदेश सरकार के पाले में डाल दी है और राज्य सरकार भी मामले पर चुप्पी साधे बैठी है।
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