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Etah News: फर्जी जाति प्रमाणपत्र से तीन साल किया राज, अब गई प्रधानी
Fri, 29 Mar 2024 05:58 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 29 Mar 2024 05:58 PM IST
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एटा। पंचायत चुनाव के दौरान फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाकर प्रधानी हासिल कर ली और तीन वर्ष से अधिक समय तक पंचायत में राज किया। जब मामले की शिकायत की गई तो जांच में मामला साफ हो गया। इस पर प्रधानी छिन गई है। अब यहां दोबारा चुनाव कराया जाएगा।
ब्लॉक अवागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत जरानी खुर्द के निर्वाचित प्रधान होतीलाल पर कार्रवाई की गई है। होतीलाल बंजारा जाति के ओबीसी श्रेणी में आते हैं। जबकि यहां प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया था। प्रधान पद पाने के लिए एससी श्रेणी की जाति कंजड़ का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर होतीलाल ने दस्तावेजों के साथ लगाया था। प्रतिद्धंद्धी को हराकर पद हासिल कर लिया।
इसके बाद विरोधियों को पता चला तो अधिकारियों से शिकायतें की गई। पूर्व में शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह से फिर शिकायत की गई। इस पर एडीएम प्रशासन, समाज कल्याण अधिकारी और तहसीलदार जलेसर की टीम गठित कर जांच समिति बनाई गई। जांच में सामने आया कि होतीलाल ने जिस नंबर का जाति प्रमाण पत्र तहसील से बनवाया था, वो ओबीसी जाति बंजारा का ही था, लेकिन प्रमाण पत्र को धोखाधड़ी से एससी जाति का फर्जी बना लिया गया।
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प्रधान का फर्जी जाति प्रमाण पत्र जांच में पाया गया है। इस पर प्रधान को अवैध घोषित किया गया है। इस पंचायत में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी। -डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी, सीडीओ
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ब्लॉक अवागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत जरानी खुर्द के निर्वाचित प्रधान होतीलाल पर कार्रवाई की गई है। होतीलाल बंजारा जाति के ओबीसी श्रेणी में आते हैं। जबकि यहां प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया था। प्रधान पद पाने के लिए एससी श्रेणी की जाति कंजड़ का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर होतीलाल ने दस्तावेजों के साथ लगाया था। प्रतिद्धंद्धी को हराकर पद हासिल कर लिया।
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इसके बाद विरोधियों को पता चला तो अधिकारियों से शिकायतें की गई। पूर्व में शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह से फिर शिकायत की गई। इस पर एडीएम प्रशासन, समाज कल्याण अधिकारी और तहसीलदार जलेसर की टीम गठित कर जांच समिति बनाई गई। जांच में सामने आया कि होतीलाल ने जिस नंबर का जाति प्रमाण पत्र तहसील से बनवाया था, वो ओबीसी जाति बंजारा का ही था, लेकिन प्रमाण पत्र को धोखाधड़ी से एससी जाति का फर्जी बना लिया गया।
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प्रधान का फर्जी जाति प्रमाण पत्र जांच में पाया गया है। इस पर प्रधान को अवैध घोषित किया गया है। इस पंचायत में चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कराई जाएगी। -डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी, सीडीओ