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Etah: तहसीलदार, थानाध्यक्ष सहित नौ पर होगी रिपोर्ट, महिला-पुरुषों को लाठियों से पीटा, घसीटकर थाना ले गए

Wed, 11 Jan 2023 07:09 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 11 Jan 2023 07:09 PM IST
सार

एटा में चकरोड को लेकर चल रहे विवाद में अधिवक्ता से बदसलूकी के मामले में सीजेएम कोर्ट ने तहसीलदार सदर, थानाध्यक्ष मारहरा सहित कानूनगो, दो लेखपालों और चार आम आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।


 

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report will be filed against Tehsildar, police station chief along with boat on orders of court in Etah
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मामला जिले के मारहरा थाना क्षेत्र के गांव भावन नगर से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाले अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। इनका कहना था कि गांव में उनकी पैतृक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय व उच्च न्यायालय से स्थगनादेश भी पारित था। 

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इसके बावजूद 30 अक्तूबर 2022 को तहसीलदार सदर सीपी सिंह, मारहरा थानाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, कानूनगो हेमंत कुमार, लेखपाल डोरीलाल व नेम सिंह आए। यह गांव के जय सिंह, कुंवरपाल, ओमप्रकाश और खेमेंद्र को साथ लेकर जमीन पर जेसीबी से कब्जा कराने लगे। अदालत का आदेेश दिखाने पर फाड़कर फेंक दिया। 
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प्रार्थना पत्र के मुताबिक यह जमीन पर जेसीबी चलवाकर चकरोड डलवाने लगे। इसका विरोध करने पर अधिवक्ता, पत्नी पंकज सहित परिवार की अन्य महिलाओं-पुरुषों को लाठियों से पीट दिया। पुलिस इन्हें गाड़ी में घसीटकर थाना ले गई। यहां तहसीलदार, थानाध्यक्ष आदि ने फिर से पीटा। जान से मारने की नीयत से गले में अंगोछा डालकर खींचा। महिलाओं के कपड़े फाड़कर अभद्रता की। 
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धमकी दी कि इस जमीन की ओर दोबारा देखा तो जान से मारे जाओगे। इतने मुकदमे लगा देंगे कि जेल से नहीं निकल पाओगे। इस दौरान मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों से भी अभद्रता की गई। बाद में इलाज और चिकित्सकीय परीक्षण कराकर थाने पहुंचे तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस मामले में सीजेएम अनिल कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कर एक सप्ताह में चिक एफआईआर न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश मारहरा थानाध्यक्ष के लिए जारी किया है।

फंस सकती है कई और कर्मचारियों की गर्दन

मामले में इन नामजदों के अलावा अन्य कई कर्मचारियों की गर्दन भी फंस सकती है। प्रार्थना पत्र में इनके साथ 25-30 अज्ञात लोगों का भी जिक्र किया गया है। सीजेएम ने आदेश दिया है कि विवेचक द्वारा प्रारंभिक जांच में देखा जाए कि किन कर्मचारियों की मामले में संलिप्तता रही है।

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