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Etah News: जीते-जी ठुकराया, मरने पर भी बेटे ने नहीं अपनाया
Thu, 16 Apr 2026 12:16 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 16 Apr 2026 12:16 AM IST
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एटा के भूतेश्वर पर वृद्ध का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करते संस्कार मानव सेवा समिति के प
एटा। बेटे ने अपने ही पिता के शव को लेने से इन्कार कर दिया। ऐसी संवेदनहीनता के बीच संस्कार मानव सेवा समिति ने आगे आकर मानवता का परिचय दिया और वृद्ध का पूरे हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया।
कासगंज के भूतेश्वेर मोहल्ला बिलराम गेट निवासी चंद्रप्रकाश सक्सेना (70) बीते कुछ समय से पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कासगंज वृद्धाश्रम में रह रहे थे वह इसी माह वृद्धाश्रम में रहने आए थे।
मंगलवार की रात उनका निधन हो गया। निधन के बाद वृद्धाश्रम प्रशासन ने मृतक के इकलौते बेटे को सूचना दी जो कांशीराम कॉलोनी कासगंज में रहता है। बेटे ने पिता के शव को लेने और अंतिम संस्कार करने से साफ इन्कार कर दिया। इस घटना से वृद्धाश्रम स्टाफ भी स्तब्ध रह गया। इसके बाद वृद्धाश्रम प्रभारी ने मामले की सूचना संस्कार मानव सेवा समिति एटा को दी। सूचना मिलते ही समिति के पदाधिकारी व सदस्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने मृतक के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली।
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समिति के सदस्यों ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव को एटा स्थित मोक्षधाम ले जाया गया जहां पूरे विधि-विधान व हिंदू परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान समिति के सदस्य पूरे समय मौजूद रहे और सभी धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराईं। अंतिम संस्कार के समय अमित चौहान सर्राफ, दीपक चौहान वृद्धाश्रम के कर्मचारी मौजूद रहे।
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कासगंज के भूतेश्वेर मोहल्ला बिलराम गेट निवासी चंद्रप्रकाश सक्सेना (70) बीते कुछ समय से पारिवारिक परिस्थितियों के कारण कासगंज वृद्धाश्रम में रह रहे थे वह इसी माह वृद्धाश्रम में रहने आए थे।
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मंगलवार की रात उनका निधन हो गया। निधन के बाद वृद्धाश्रम प्रशासन ने मृतक के इकलौते बेटे को सूचना दी जो कांशीराम कॉलोनी कासगंज में रहता है। बेटे ने पिता के शव को लेने और अंतिम संस्कार करने से साफ इन्कार कर दिया। इस घटना से वृद्धाश्रम स्टाफ भी स्तब्ध रह गया। इसके बाद वृद्धाश्रम प्रभारी ने मामले की सूचना संस्कार मानव सेवा समिति एटा को दी। सूचना मिलते ही समिति के पदाधिकारी व सदस्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने मृतक के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली।
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समिति के सदस्यों ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव को एटा स्थित मोक्षधाम ले जाया गया जहां पूरे विधि-विधान व हिंदू परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान समिति के सदस्य पूरे समय मौजूद रहे और सभी धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराईं। अंतिम संस्कार के समय अमित चौहान सर्राफ, दीपक चौहान वृद्धाश्रम के कर्मचारी मौजूद रहे।