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श्रीराम जन्म के साथ ही गूंजे जयकारे
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sat, 03 Oct 2015 06:58 PM IST
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रामहिं केवल प्रेम प्यारा जान लेहू जो जानन हारा, भगवान श्रीराम केवल प्रेम के भूखे है। प्रेम के वसीभूत होकर भगवान अपने भक्त की हर मनोकामना पूर्ण करते है लेकिन कलियुग का मूर्ख मनुष्य भगवान को खरीदने की कोशिश करता है वह मंदिरों में बड़ी दान दक्षिणा कर अपने को महान व भगवान का निकट समझता है लेकिन भगवान का निकट वह ही है जो मन, कर्म वचन से सच्चा है। उसे ही ईश्वर की सद्गति प्राप्त होती है।
यह प्रवचन सूत की मंडी में कथावाचक पंडित रामवल्लभाधीश ने श्रीरामकथा के दौरान कहे। उन्होंने राम भक्त हनुमान और सबरी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि राम भक्त हनुमान को श्रीराम में अकाट श्रद्धा थी वह हर समय श्री राम की सेवा में लगे रहते थे जिस कारण वह भक्त शिरोमणि कहलाए। जहां प्रेम होता है वहीं भगवान राम और माता सीता निवास करती है, जहां क्लेश और अशांति होती है वहां श्री राम स्वरूप नारायण व सीता स्वरूप मां लक्ष्मी ज्यादा दिन नहीं रूकती। शिव पार्वती के स्वरूप में सजे कलाकारों ने जैसे ही एक-दूसरे का वरण किया। वैसे ही शिवपार्वती के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। भक्तों ने गोद भराई की रस्म भी अदायगी की। राम जन्म की कथा में बाल स्वरूप में सजे भगवान के दर्शन को भक्तों में होड़ देखी गई। देर सांय तक आसपास का वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा के दौरान कथावाचक द्वारा गाए गए भजनों पर भक्तजन थिरकते नजर आए।
कथा के दौरान रीता अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, माधुरी अग्रवाल, ऋचा अग्रवाल, अनुराधा, नीलम पल्तानी, बिटटू अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, एसके गर्ग, अवधेश अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, अदीप अग्रवाल, अनुपम वार्ष्णेय, त्रिलोकी नाथ वार्ष्णेय, विपिन गर्ग, अजीत पालीवाल, मधुर वार्ष्णेय, सुरेश वार्ष्णेय, रामेश्वर दयाल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में भक्त जन मौजूद रहे। मुख्य यजमान राजीव अग्रवाल ने बताया कि रविवार को श्रीराम जी की बारात धूमधाम के साथ सूत की मंडी क्षेत्र में भ्रमण कराई जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में भक्तों से राम बारात में सहभागिता की अपील की है।
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यह प्रवचन सूत की मंडी में कथावाचक पंडित रामवल्लभाधीश ने श्रीरामकथा के दौरान कहे। उन्होंने राम भक्त हनुमान और सबरी का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि राम भक्त हनुमान को श्रीराम में अकाट श्रद्धा थी वह हर समय श्री राम की सेवा में लगे रहते थे जिस कारण वह भक्त शिरोमणि कहलाए। जहां प्रेम होता है वहीं भगवान राम और माता सीता निवास करती है, जहां क्लेश और अशांति होती है वहां श्री राम स्वरूप नारायण व सीता स्वरूप मां लक्ष्मी ज्यादा दिन नहीं रूकती। शिव पार्वती के स्वरूप में सजे कलाकारों ने जैसे ही एक-दूसरे का वरण किया। वैसे ही शिवपार्वती के जयकारों से पंडाल गूंज उठा। भक्तों ने गोद भराई की रस्म भी अदायगी की। राम जन्म की कथा में बाल स्वरूप में सजे भगवान के दर्शन को भक्तों में होड़ देखी गई। देर सांय तक आसपास का वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा के दौरान कथावाचक द्वारा गाए गए भजनों पर भक्तजन थिरकते नजर आए।
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कथा के दौरान रीता अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, माधुरी अग्रवाल, ऋचा अग्रवाल, अनुराधा, नीलम पल्तानी, बिटटू अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल, एसके गर्ग, अवधेश अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, अदीप अग्रवाल, अनुपम वार्ष्णेय, त्रिलोकी नाथ वार्ष्णेय, विपिन गर्ग, अजीत पालीवाल, मधुर वार्ष्णेय, सुरेश वार्ष्णेय, रामेश्वर दयाल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में भक्त जन मौजूद रहे। मुख्य यजमान राजीव अग्रवाल ने बताया कि रविवार को श्रीराम जी की बारात धूमधाम के साथ सूत की मंडी क्षेत्र में भ्रमण कराई जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में भक्तों से राम बारात में सहभागिता की अपील की है।
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