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दोगुना से अधिक बढ़ा प्रदूषण, खतरनाक हुई हवा
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प्रदूषण के चलते शहर में मंडी समिति की ओर आसमान में छाई धुंध। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। बृहस्पतिवार लगभग पूरी रात पटाखे चले। वहीं शुक्रवार को गोवर्धन पूजन के दौरान भी आतिशबाजी चलाई गई। इसका असर वातावरण में देखने को मिला। हर ओर धुंध सी छाई हुई है। एक्यूआई दो दिन में दोगुना से ज्यादा बढ़कर 314 पहुंच गया। 2 नवंबर को यह 152 दर्ज किया गया था। इससे जहां लोगों को आंखों में जलन महसूस हुई, वहीं सांस लेने में भी दिक्कत रही। लोगों को घरों के अंदर तक घुटन महसूस होती रही। शाम होते-होते कुछ स्थिति सुधरी, लेकिन सूर्यास्त के बाद फिर पटाखों का सिलसिला शुरू हो गया।
एक्यूआई को समझें
शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
पिछले साल भी 300 से ऊपर रहा था ग्राफ
पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष प्रदूषण में कमी या विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई। दिवाली के अगले दिन 15 नवंबर को एक्यूआई 305 दर्ज किया गया था।
नहीं दिखे हरित पटाखे
प्रदूषण पर अंकुश के लिए न्यायालय और सरकार ने हरित पटाखों पर जोर दिया था। लेकिन बाजार में उनकी आपूर्ति ही नहीं दिखी। जिसके चलते सैनिक पड़ाव में सामान्य पटाखों की ही खरीद-फरोख्त होती रही।
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करें मास्क का प्रयोग, घर में रहें
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. एस. चंद्रा बताते हैं कि 200 से अधिक एक्यूआई होने पर श्वसन व एलर्जी संबंधी समस्या हो सकती हैं। बेहतर है कि लोग घरों में रहें। यदि किसी कार्यवश बाहर जाना पड़ रहा है तो मास्क का प्रयोग करें। इससे खतरनाक भार कण हमारी सांसों में जाने से बचेंगे। आंखों-त्वचा पर एलर्जी और श्वसन संबंधी समस्या अधिक हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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एक्यूआई को समझें
शून्य से 50 के बीच के एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
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पिछले साल भी 300 से ऊपर रहा था ग्राफ
पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष प्रदूषण में कमी या विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई। दिवाली के अगले दिन 15 नवंबर को एक्यूआई 305 दर्ज किया गया था।
नहीं दिखे हरित पटाखे
प्रदूषण पर अंकुश के लिए न्यायालय और सरकार ने हरित पटाखों पर जोर दिया था। लेकिन बाजार में उनकी आपूर्ति ही नहीं दिखी। जिसके चलते सैनिक पड़ाव में सामान्य पटाखों की ही खरीद-फरोख्त होती रही।
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करें मास्क का प्रयोग, घर में रहें
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. एस. चंद्रा बताते हैं कि 200 से अधिक एक्यूआई होने पर श्वसन व एलर्जी संबंधी समस्या हो सकती हैं। बेहतर है कि लोग घरों में रहें। यदि किसी कार्यवश बाहर जाना पड़ रहा है तो मास्क का प्रयोग करें। इससे खतरनाक भार कण हमारी सांसों में जाने से बचेंगे। आंखों-त्वचा पर एलर्जी और श्वसन संबंधी समस्या अधिक हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।