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प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना के तहत छह गांव का होगा कायाकल्प
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एटा। केंद्र सरकार ने अति पिछड़े गांवों की तस्वीर बदलने के लिए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का शुभारंभ किया है। योजना के तहत जिले के छह गांवों का और चयन किया गया है। इन गांवों में 10 विभागों द्वारा दस प्रमुख योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य संचालित किए जाएंगे। इसमें सरकार प्रत्येक गांव को प्रतिवर्ष 20 लाख की लागत से पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास के साथ ही सूचना व जनसंपर्क के माध्यमों को विकसित करेगी।
केंद्र सरकार ने जिले में अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों में विकास को रफ्तार देने को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना शुरू की। इसमें एटा में बीते दो वर्षों में 20 गांव पहले ही शामिल कर लिए गए हैं। अब शासन स्तर पर इसमें छह और गांव को जोड़ा गया है। इनमें अवागढ़ विकास खंड के सकरोली, सकीट ब्लाक के सिकन्दरपुर रिजोर, सौसपुर, आसपुर, मिशन, मारहरा के तातरपुरमाफी गांव चयनित हुए हैं। यहां पेयजल व स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण मार्ग और आवास, बिजली व स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियां, वित्तीय समावेश, डिजिटल सेवा, आजीविका व कौशल विकास से संबंधित योजनाओं पर कार्य होगा।
यह कार्य कराए जाएंगे
शासन ने 20 लाख गांवों में मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। इससे पेयजल व स्वच्छता संसाधनों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा कचरा निस्तारण, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण व मरम्मत आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, संपर्क मार्ग, सोलर व स्ट्रीट लाइट की स्थापना होगी। सरकार की ओर से विभागीय योजनाओं की निगरानी को 50 मानक निर्धारित किए गए हैं। इनके आधार पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों के आय बढ़ाने के लिए भी स्वयं सहायता समूहों का भी गठन किया जाएगा।
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सभी विभागों को निर्देश दिया गया
पीएम आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले के और छह गांवों का चयन शासन स्तर से हुआ है। सत्यापन के बाद कार्ययोजना बनाने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिया गया है। प्रत्येक गांव में विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये खर्च होंगे।
-एसपी सिंह, समाज कल्याण विकास अधिकारी
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केंद्र सरकार ने जिले में अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों में विकास को रफ्तार देने को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना शुरू की। इसमें एटा में बीते दो वर्षों में 20 गांव पहले ही शामिल कर लिए गए हैं। अब शासन स्तर पर इसमें छह और गांव को जोड़ा गया है। इनमें अवागढ़ विकास खंड के सकरोली, सकीट ब्लाक के सिकन्दरपुर रिजोर, सौसपुर, आसपुर, मिशन, मारहरा के तातरपुरमाफी गांव चयनित हुए हैं। यहां पेयजल व स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण मार्ग और आवास, बिजली व स्वच्छ ईंधन, कृषि पद्धतियां, वित्तीय समावेश, डिजिटल सेवा, आजीविका व कौशल विकास से संबंधित योजनाओं पर कार्य होगा।
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यह कार्य कराए जाएंगे
शासन ने 20 लाख गांवों में मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने के निर्देश दिए हैं। इससे पेयजल व स्वच्छता संसाधनों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा कचरा निस्तारण, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण व मरम्मत आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, संपर्क मार्ग, सोलर व स्ट्रीट लाइट की स्थापना होगी। सरकार की ओर से विभागीय योजनाओं की निगरानी को 50 मानक निर्धारित किए गए हैं। इनके आधार पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों के आय बढ़ाने के लिए भी स्वयं सहायता समूहों का भी गठन किया जाएगा।
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सभी विभागों को निर्देश दिया गया
पीएम आदर्श ग्राम योजना के तहत जिले के और छह गांवों का चयन शासन स्तर से हुआ है। सत्यापन के बाद कार्ययोजना बनाने के लिए सभी विभागों को निर्देश दिया गया है। प्रत्येक गांव में विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये खर्च होंगे।
-एसपी सिंह, समाज कल्याण विकास अधिकारी