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Etah News: प्रशिक्षुओं के भविष्य से खिलवाड़, महज दो अनुदेशकों से चल रहा आईटीआई
Sun, 15 Oct 2023 12:08 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 15 Oct 2023 12:08 AM IST
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जलेसर। निधौली रोड स्थित राजकीय आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) में प्रशिक्षुओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। संस्थान में 28 अनुदेशक के सापेक्ष 2 के सहारे ही प्रशिक्षण की औपचारिकता पूरी की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों से लेकर आरओ, जेनरेटर भी खराब है।
तकनीकी शिक्षा देकर युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से जलेसर में आईटीआई खोला गया। अनुदेशकों की कमी के चलते एक दशक में ही संस्थान में अधिकांश ट्रेडों के कक्षों में ताले पड़ गए हैं। यूं तो संस्थान में 14 ट्रेड हैं। लेकिन केवल दो ही ट्रेड के अनुदेशक तैनात हैं। संस्थान में शौचालय से लेकर कार्यालय और कक्षों तक में गंदगी का ढेर नजर आता है। सफाईकर्मी की तैनाती नहीं है। अक्सर प्रशिक्षु ही सफाई करते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अरुण कुमार, पकंज कुमार, ऋषभ कुमार, गौरव कुमार, मान सिंह आदि ने बताया कि आईटीआई में हाल इतना बुरा है कि ट्रेडों के प्रशिक्षक तक नहीं मिलते हैं।
प्रशिक्षुओं की सुरक्षा ताक पर
आईटीआई में प्रशिक्षुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन वर्तमान में ये खराब पड़े हैं। साथ ही कार्यालय में लगे डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) गायब हो चुका है। कर्मचारियों व प्रशिक्षकों से सीसीटीवी के बारे में पूछने पर बताया गया कि एक साल पहले डीवीआर खराब हो गया था, जिसके कारण सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं।
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अग्निशमन यंत्र भी खराब
लापरवाही के चलते अग्निशमन यंत्रों में जंग लग गई है और खराब पड़े हैं। आपातकालीन स्थिति में इन यंत्रों की जरूरत पड़ी तो परेशानी हो सकती है। अनुदेशक सूर्यकुमार पांडेय ने बताया कि अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
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128 सीटें रह जाती हैं खाली
प्रशिक्षकों के अभाव में हर साल इस संस्थान में करीब 128 सीटें खाली रह जाती हैं। ड्रेस मेकिंग के 40, फैशन डिजानिंग के 40, काॅस्मोलोजी की 48 सीटों पर प्रवेश के लिए कोई युवा पंजीकरण नहीं कराते हैं। पिछले पांच वर्षो से इन ट्रेडों में कोई प्रवेश नहीं हुआ है।
अनुदेशकों की कमी लंबे समय से चली आ रही है। विभागीय अधिकारियों को मांग लगातार भेजी जा रही है। साथ ही क्षेत्रीय विधायक ने भी यह मांग शासन में पहुंचाई है। उम्मीद है कि नवंबर तक अनुदेशक मिल जाएंगे। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से सफाई कराई जाती है। बजट मिलने पर आरओ मशीन ठीक कराई जाएगी। अग्निशमन यंत्र आदि को भी ठीक कराया जाएगा। - अरविंद कुमार, प्रधानाचार्य
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तकनीकी शिक्षा देकर युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से जलेसर में आईटीआई खोला गया। अनुदेशकों की कमी के चलते एक दशक में ही संस्थान में अधिकांश ट्रेडों के कक्षों में ताले पड़ गए हैं। यूं तो संस्थान में 14 ट्रेड हैं। लेकिन केवल दो ही ट्रेड के अनुदेशक तैनात हैं। संस्थान में शौचालय से लेकर कार्यालय और कक्षों तक में गंदगी का ढेर नजर आता है। सफाईकर्मी की तैनाती नहीं है। अक्सर प्रशिक्षु ही सफाई करते हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अरुण कुमार, पकंज कुमार, ऋषभ कुमार, गौरव कुमार, मान सिंह आदि ने बताया कि आईटीआई में हाल इतना बुरा है कि ट्रेडों के प्रशिक्षक तक नहीं मिलते हैं।
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प्रशिक्षुओं की सुरक्षा ताक पर
आईटीआई में प्रशिक्षुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन वर्तमान में ये खराब पड़े हैं। साथ ही कार्यालय में लगे डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) गायब हो चुका है। कर्मचारियों व प्रशिक्षकों से सीसीटीवी के बारे में पूछने पर बताया गया कि एक साल पहले डीवीआर खराब हो गया था, जिसके कारण सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं।
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अग्निशमन यंत्र भी खराब
लापरवाही के चलते अग्निशमन यंत्रों में जंग लग गई है और खराब पड़े हैं। आपातकालीन स्थिति में इन यंत्रों की जरूरत पड़ी तो परेशानी हो सकती है। अनुदेशक सूर्यकुमार पांडेय ने बताया कि अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
128 सीटें रह जाती हैं खाली
प्रशिक्षकों के अभाव में हर साल इस संस्थान में करीब 128 सीटें खाली रह जाती हैं। ड्रेस मेकिंग के 40, फैशन डिजानिंग के 40, काॅस्मोलोजी की 48 सीटों पर प्रवेश के लिए कोई युवा पंजीकरण नहीं कराते हैं। पिछले पांच वर्षो से इन ट्रेडों में कोई प्रवेश नहीं हुआ है।
अनुदेशकों की कमी लंबे समय से चली आ रही है। विभागीय अधिकारियों को मांग लगातार भेजी जा रही है। साथ ही क्षेत्रीय विधायक ने भी यह मांग शासन में पहुंचाई है। उम्मीद है कि नवंबर तक अनुदेशक मिल जाएंगे। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से सफाई कराई जाती है। बजट मिलने पर आरओ मशीन ठीक कराई जाएगी। अग्निशमन यंत्र आदि को भी ठीक कराया जाएगा। - अरविंद कुमार, प्रधानाचार्य