{"_id":"695962a999df6950dc002744","slug":"peace-is-found-in-devotion-to-god-away-from-worldly-attachments-etah-news-c-163-1-eta1002-144357-2026-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: सांसारिक मोह से हटकर ईश्वर की भक्ति में मिलती है शांति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: सांसारिक मोह से हटकर ईश्वर की भक्ति में मिलती है शांति
Sun, 04 Jan 2026 12:10 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 04 Jan 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
नई बस्ती बारह बीघा में भागवत कथा सुनते लोग। संवाद
एटा। मोहल्ला नई बस्ती बारह बीघा में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को तीसरे दिन रुद्रेश महाराज ने सृष्टि की रचना से लेकर भगवान विष्णु के विविध अवतारों तक की कथाओं का व्याख्यान किया। कहा कि सांसारिक मोह से हटकर ईश्वर भक्ति से जुड़ें, अवश्य शांति मिलेगी।
कथावाचक ने बताया कि सृष्टि की उत्पत्ति ईश्वर की अनंत शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि यह अवतार धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश का संदेश देता है। ध्रुव व भक्त प्रह्लाद जैसे आदर्श चरित्रों की कथाएं सुनाते हुए भक्तों को भक्ति वैराग्य और सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान समुद्र मंथन प्रसंग भी प्रमुख रहा। महाराज ने बताया कि समुद्र मंथन केवल पुराणों का प्रसंग नहीं बल्कि मानव जीवन में संघर्षों के बाद प्राप्त होने वाली सफलता और अमृत स्वरूप ज्ञान का प्रतीक है। भक्तों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से प्रभु का स्मरण किया।
कंस वध का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
अलीगंज। गांव कैल्ठा में श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शनिवार को आचार्य अशोक शास्त्री ने कंस वध के प्रसंग का वर्णन किया। संगीतमयी प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। 29 दिसंबर को शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा से पूरे गांव के लोग भक्ति से सराबोर हैं। कथा के साथ भजन और संकीर्तन में भक्ति से सराबोर लोग झूमते नजर आते हैं। कथा में जागेश्वर सिंह एवं उनकी पत्नी रेणुका देवी परीक्षत की भूमिका में हैं। समापन रविवार को किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कथावाचक ने बताया कि सृष्टि की उत्पत्ति ईश्वर की अनंत शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि यह अवतार धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश का संदेश देता है। ध्रुव व भक्त प्रह्लाद जैसे आदर्श चरित्रों की कथाएं सुनाते हुए भक्तों को भक्ति वैराग्य और सत्य मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान समुद्र मंथन प्रसंग भी प्रमुख रहा। महाराज ने बताया कि समुद्र मंथन केवल पुराणों का प्रसंग नहीं बल्कि मानव जीवन में संघर्षों के बाद प्राप्त होने वाली सफलता और अमृत स्वरूप ज्ञान का प्रतीक है। भक्तों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से प्रभु का स्मरण किया।
विज्ञापन
कंस वध का प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
अलीगंज। गांव कैल्ठा में श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शनिवार को आचार्य अशोक शास्त्री ने कंस वध के प्रसंग का वर्णन किया। संगीतमयी प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। 29 दिसंबर को शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा से पूरे गांव के लोग भक्ति से सराबोर हैं। कथा के साथ भजन और संकीर्तन में भक्ति से सराबोर लोग झूमते नजर आते हैं। कथा में जागेश्वर सिंह एवं उनकी पत्नी रेणुका देवी परीक्षत की भूमिका में हैं। समापन रविवार को किया जाएगा।

नई बस्ती बारह बीघा में भागवत कथा सुनते लोग। संवाद
विज्ञापन