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खून की जांच के लिए भटक रहे मरीज
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गांव असरौली में डेंगू व मलेरिया जांच के लिए लोगों के सैंपल लेती मेडिकल टीम
- फोटो : ETAH
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एटा। मैटरनिटी विंग में बने पीडियाट्रिक वार्ड में बुखार व पेट दर्द के बाल रोगी लगातार भर्ती किए जा रहे हैं। शनिवार को वार्ड में बुखार से पीड़ित छह बच्चे भर्ती किए गए। लेकिन जांच की सुविधा न होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भटकना पड़ा।
शनिवार को डॉ. यूसुफ ने पीडियाट्रिक वार्ड में छह बच्चों को भर्ती किया। वार्ड में भर्ती कुरावली निवासी अयांश के पिता तवीर ने बताया कि तीन दिन से बच्चे को बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज की वजह से यहां लेकर आए, लेकिन खून की जांच तक नहीं हो पा रही है। निधौलीकलां निवासी नरेश ने बताया कि उनके बेटे हिमांशु को चार दिन से बुखार आ रहा है। डॉक्टर ने वार्ड में भर्ती तो कर लिया लेकिन खून की जांच नहीं हो पा रही है।
मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि खिड़की पर बोतल को टांग कर मरीजों को ड्रिप चढ़ाई जा रही है। बोतल स्टैंड देखने को नहीं मिल रहे। सामान्य वार्ड से लेकर पीडियाट्रिक वार्ड में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।
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लैब में जांच न होने की समस्या आ रही है। मशीनें खराब हैं, इसके चलते दिक्कत आ रही है। उच्चाधिकारियों को बताया गया है।
डॉ. अंशुल गुप्ता, चिकित्साधिकारी
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शनिवार को डॉ. यूसुफ ने पीडियाट्रिक वार्ड में छह बच्चों को भर्ती किया। वार्ड में भर्ती कुरावली निवासी अयांश के पिता तवीर ने बताया कि तीन दिन से बच्चे को बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज की वजह से यहां लेकर आए, लेकिन खून की जांच तक नहीं हो पा रही है। निधौलीकलां निवासी नरेश ने बताया कि उनके बेटे हिमांशु को चार दिन से बुखार आ रहा है। डॉक्टर ने वार्ड में भर्ती तो कर लिया लेकिन खून की जांच नहीं हो पा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि खिड़की पर बोतल को टांग कर मरीजों को ड्रिप चढ़ाई जा रही है। बोतल स्टैंड देखने को नहीं मिल रहे। सामान्य वार्ड से लेकर पीडियाट्रिक वार्ड में इसी तरह की स्थिति बनी हुई है।
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लैब में जांच न होने की समस्या आ रही है। मशीनें खराब हैं, इसके चलते दिक्कत आ रही है। उच्चाधिकारियों को बताया गया है।
डॉ. अंशुल गुप्ता, चिकित्साधिकारी