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पाला: फसलों पर जमी बर्फ की चादर
Amar Ujala
Updated Wed, 11 Jan 2017 11:55 PM IST
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पाला: फसलों पर जमी बर्फ की चादर
- फोटो : Amar Ujala
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चल रही बर्फीली हवाओं के साथ तापमान में गिरावट जारी है। शीतलहर से गलन बढ़ी हुई है। वहीं रात में अब पाला भी गिरने लगा है। फसलों पर बर्फ की सफेद चादर सी जमने लगी है। यह देख किसानों के होश उड़े हुए हैं। इससे मटर,सरसों, आलू, टमाटर आदि उन फसलों को नुकसान हैं, जो फूलदशा में हैं।
बूंदाबांदी के बाद से ठंड बढ़ गई हैं। तेज बर्फीली हवाएं चलने से पारा गिर रहा है। रात में तो तापमान गिरकर 3 से चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। वहीं रात में पाला भी गिरने लगा है। बुधवार की सुबह आलू, मटर समेत सभी फसलों पर सफेद बर्फीली परत देख किसान सन्न रह गए। किसानों ने बताया कि पाला गिरने से मटर, सरसों, आलू, टमाटर आदि उन फसलों की बर्बादी पक्की है, जो इस समय फूल दशा में हैं।
बता दें कि मारहरा में टमाटर, मटर की ख्याति व्यापक पैमाने पर होती है। यहां से हरी मटर और टमाटर देशभर की मंडियों के अलावा पाकिस्तान तक भेजी जाती है। कस्बा मोहनपुरा में मटर की बड़ी मंडी है। इस मंडी से 10 से लेकर 12 लाख रूपये की सब्जियां रोजाना दूसरे शहरों को भेजी जाती हैं। किसान शांति स्वरूप ने बताया कि उसने 50 बीघा जमीन पट्टे पर लेकर फसल बोई है, जो पाला पड़ने से नष्ट हो गई।
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किसान अवधेश ने बताया कि उसने 20 बीघा जमीन में मटर की फसल बोई है, अब फसल बर्बाद होने के कारण वह बहुत परेशान है। किसान रामजीत, उमेशचंद्र, जालिम सिंह, सतीश चंद्र ने बताया कि पाले ने उन्हें बर्बाद कर दिया। अब तक मुआवजे का ही सहारा है।
पिछले वर्षों का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2014- 20 6
2015 18 5
2016 21 7
2017अब तक 19 4
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बूंदाबांदी के बाद से ठंड बढ़ गई हैं। तेज बर्फीली हवाएं चलने से पारा गिर रहा है। रात में तो तापमान गिरकर 3 से चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। वहीं रात में पाला भी गिरने लगा है। बुधवार की सुबह आलू, मटर समेत सभी फसलों पर सफेद बर्फीली परत देख किसान सन्न रह गए। किसानों ने बताया कि पाला गिरने से मटर, सरसों, आलू, टमाटर आदि उन फसलों की बर्बादी पक्की है, जो इस समय फूल दशा में हैं।
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बता दें कि मारहरा में टमाटर, मटर की ख्याति व्यापक पैमाने पर होती है। यहां से हरी मटर और टमाटर देशभर की मंडियों के अलावा पाकिस्तान तक भेजी जाती है। कस्बा मोहनपुरा में मटर की बड़ी मंडी है। इस मंडी से 10 से लेकर 12 लाख रूपये की सब्जियां रोजाना दूसरे शहरों को भेजी जाती हैं। किसान शांति स्वरूप ने बताया कि उसने 50 बीघा जमीन पट्टे पर लेकर फसल बोई है, जो पाला पड़ने से नष्ट हो गई।
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किसान अवधेश ने बताया कि उसने 20 बीघा जमीन में मटर की फसल बोई है, अब फसल बर्बाद होने के कारण वह बहुत परेशान है। किसान रामजीत, उमेशचंद्र, जालिम सिंह, सतीश चंद्र ने बताया कि पाले ने उन्हें बर्बाद कर दिया। अब तक मुआवजे का ही सहारा है।
पिछले वर्षों का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2014- 20 6
2015 18 5
2016 21 7
2017अब तक 19 4