{"_id":"69fa26cbb0b412faca00f592","slug":"paddy-and-black-gram-seeds-at-50-percent-subsidy-etah-news-c-163-1-eta1002-150135-2026-05-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: 50 प्रतिशत अनुदान पर धान व उड़द के बीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: 50 प्रतिशत अनुदान पर धान व उड़द के बीज
Tue, 05 May 2026 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 05 May 2026 10:50 PM IST
विज्ञापन
एटा। किसानों को खरीफ सीजन से पहले बड़ा लाभ देने के लिए कृषि विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से इस बार धान की उन्नत एवं उच्च गुणवत्ता वाली कई किस्मों के साथ-साथ उड़द का बीज भी 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए किसानों को ऑनलाइन बुकिंग व फाॅर्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूरी करनी होगी।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जिले के लिए 1540 क्विंटल धान बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष विभाग को अब तक 552 क्विंटल धान बीज प्राप्त हो चुका है, शेष बीज की खेप भी शीघ्र ही पहुंच जाएगी जिसके बाद वितरण प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। बताया कि विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली धान की किस्में न केवल अधिक उत्पादन देने वाली हैं बल्कि रोग प्रतिरोधी और गुणवत्ता के लिहाज से भी किसानों के लिए बेहद लाभकारी हैं। जिले के किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन और आय दोनों को बढ़ाने का लक्ष्य है। इन किस्मों की मांग हर साल काफी अधिक रहती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जिले के लिए 1540 क्विंटल धान बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष विभाग को अब तक 552 क्विंटल धान बीज प्राप्त हो चुका है, शेष बीज की खेप भी शीघ्र ही पहुंच जाएगी जिसके बाद वितरण प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। बताया कि विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली धान की किस्में न केवल अधिक उत्पादन देने वाली हैं बल्कि रोग प्रतिरोधी और गुणवत्ता के लिहाज से भी किसानों के लिए बेहद लाभकारी हैं। जिले के किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराकर उत्पादन और आय दोनों को बढ़ाने का लक्ष्य है। इन किस्मों की मांग हर साल काफी अधिक रहती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द अपना पंजीकरण पूरा करें।
विज्ञापन