{"_id":"5e25e0f18ebc3e4b000f411f","slug":"over-loding-etah-news-agr425738710","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओवरलोड वाहनों ने मिट्टी में मिला आधा दर्जन गांवों को जाने वाली सड़क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओवरलोड वाहनों ने मिट्टी में मिला आधा दर्जन गांवों को जाने वाली सड़क
विज्ञापन
हाईवेय वाईपास रोड निर्माण कार्य के लिए ओवर लोड मेटेरियल लेजाते ट्रक- संवाद
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। जिले में बन रही जवाहर तापीय विद्युत परियोजना शुरू होने से पहले ही स्थानीय लोगों के लिए दुख:दायी साबित होने लगी है। परियोजना की चाहरदीवारी के पास से गुजरने वाली आधा दर्जन गांवों की सड़क इस कदर जर्जर हो चुकी है कि इस पर वाहन तो क्या पैदल चलने में भी सुरक्षित नहीं हैं। बारिश में तो इस सड़क पर गड्ढों में पानी भर जाता है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क ठीक न कराने पर आंदोलन की बात कही है।
जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर कस्बा मलावन के बांयी ओर गांव बबरौती जाने वाले मार्ग पर जवाहर तापीय परियोजना का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। प्लांट पर निर्माण के चलते मिट्टी, बजरी, गिट्टी, लोहे की गार्डर सहित अन्य सामान लेकर ट्रक, लोडर, कैंटर, टैंकर आदि दिन-रात इस रोड से गुजरते हैं। ज्यादातर वाहनों में ओवरलोड सामान होता है। इससे यह सड़क एक वर्ष में ही पूरी तरह उखड़ गई है। कहीं-कहीं तो ऐसा लगता है कि सड़क बनी ही नहीं है। मलावन से बबरौती तक करीब तीन किलोमीटर की सड़क इतनी जर्जर है कि साइकिल सवार स्कूली बच्चे भी यहां से निकलने में कतराते हैं।
इन गांवों को जाता रास्ता
मलावन से जवाहर तापीय परियोजना की बाउंड़ी के सहारे से आधा दर्जन गांवों को रास्ता जाता है। इनमें सबसे बड़ा गांव बबरौती है। साथ ही नसीरपुर, ब्रह्मसिंहपुर और लोहाखार आदि आते हैं। इन गांवों के बच्चों को पढ़ने के लिए मलावन तक आना पड़ता है तो ग्रामीणों को भी जरूरी कार्यों के लिए मलावन या फिर एटा इसी रास्ते आना पड़ता है।
विज्ञापन
प्रतिदिन आते 500 से अधिक वाहन
प्लांट पर तापीय परियोजना के साथ ही कोयला, पानी के स्टॉक के लिए स्टोर, अधिकारियों के लिए टाउनशिप, रेलवे लाइन आदि का कार्य चल रहा है। इनके लिए गिट्टी, सीमेंट, बजरी, रेत, उपकरण आदि सामान के करीब 500 ट्रक प्रतिदिन यहां पहुंचते हैं।
हर वक्त दुर्घटना का अंदेशा
भारी वाहन अक्सर जल्दी प्लांट पहुंचने के चक्कर में ओवरटेक करते हैं, इससे सड़क पर वाहन फंसने से जाम बना रहता है। वहीं गांव के बच्चे, महिलाएं और छोटे वाहन चालकों में हर वक्त इन वाहनों से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। लोगों ने प्लांट के लिए अलग रास्ता बनाने की आवाज उठानी शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना:-
- मलावन से बबरौती जाने वाला मार्ग इतना जर्जर हो गया है कि उस पर चलना तक दुश्वार है।
-संतोष कुमार।
- जवाहर तापीय परियोजना बनने से पहले ही क्षेत्रीय गांवों को जाने का रास्ता बर्वाद हो गया है। -
अवनीश कुमार।
- विकास इसलिए होता है कि उसका फायदा लोगों को मिले, यहां तो इसके उल्टा हो रहा है। -
राजकुमार ठाकुर।
- परियोजना के प्रबंधकों को गांवों को जाने वाले रास्ते को ठीक कराना चाहिए, जिससे ग्रामीण परेशन न रहें।
- नीलकमल तिवारी।
मामला संज्ञान में, बनवाएंगे सड़क
जवाहर तापीय परियोजन को आने वाले वाहनों के कारण रास्ता जर्जर हो गया है, यह मामला संज्ञान में आया है, इस संबंध में डीएम को अवगत कराया गया है। जल्द ही परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क बनवाई जाएगी।
योगेश कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
-------------
जल्द करेंगे प्रशासन के साथ मीटिंग
जवाहर तापीय परियोजना के लिए सामान लेकर ट्रक आदि वाहन आने के कारण गांवों को जाने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। जल्द ही प्रशासन और लोनिवि के साथ मीटिंग कर सड़क को बनवाया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को दिक्कत न हो।
राजेंद्र सिंह, एमडी, जवाहर तापीय परियोजना।
----
-11 एफ-
निर्देश के बाद भी नहीं रुक रही ओवरलोडिंग
एटा। सड़क सुरक्षा को लेकर एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिले में ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद भी जिले में धड़ल्ले से ओवरलोडिंग चल रही है, वहीं अधिकारी मौन है।
कलक्ट्रेट में सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर एडीएम ने पीडब्ल्यूडी, परियोजनाओं के अधिकारियों व संभागीय परिवहन विभाग ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने एआरटीओ प्रवर्तन लक्ष्मन प्रसाद से ओवर लोड वाहनों के चालान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंपनी के जो भी वाहन लगे हैं। उनसे ओवरलोडिंग न कराई जाए। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट पर बड़े- बड़े बोर्ड लगताने के निर्देश दिए। एआटीओ से कहा, प्रदूषण फैला रहे वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा गया। न सभी के बावजूद जिले में न ओवरलोडिंग रुकी और न ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चिह्नित किए गए। आलम यह है कि जिले में निर्माण कार्य रहा रहीं कंपनी के वाहन धडल्ले से ओवरलोडिंग कर रहे है। इस ओर अधिकारियों को कोई ध्यान नहीं है। संवाद
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर कस्बा मलावन के बांयी ओर गांव बबरौती जाने वाले मार्ग पर जवाहर तापीय परियोजना का काम इन दिनों तेजी से चल रहा है। प्लांट पर निर्माण के चलते मिट्टी, बजरी, गिट्टी, लोहे की गार्डर सहित अन्य सामान लेकर ट्रक, लोडर, कैंटर, टैंकर आदि दिन-रात इस रोड से गुजरते हैं। ज्यादातर वाहनों में ओवरलोड सामान होता है। इससे यह सड़क एक वर्ष में ही पूरी तरह उखड़ गई है। कहीं-कहीं तो ऐसा लगता है कि सड़क बनी ही नहीं है। मलावन से बबरौती तक करीब तीन किलोमीटर की सड़क इतनी जर्जर है कि साइकिल सवार स्कूली बच्चे भी यहां से निकलने में कतराते हैं।
विज्ञापन
इन गांवों को जाता रास्ता
मलावन से जवाहर तापीय परियोजना की बाउंड़ी के सहारे से आधा दर्जन गांवों को रास्ता जाता है। इनमें सबसे बड़ा गांव बबरौती है। साथ ही नसीरपुर, ब्रह्मसिंहपुर और लोहाखार आदि आते हैं। इन गांवों के बच्चों को पढ़ने के लिए मलावन तक आना पड़ता है तो ग्रामीणों को भी जरूरी कार्यों के लिए मलावन या फिर एटा इसी रास्ते आना पड़ता है।
विज्ञापन
प्रतिदिन आते 500 से अधिक वाहन
प्लांट पर तापीय परियोजना के साथ ही कोयला, पानी के स्टॉक के लिए स्टोर, अधिकारियों के लिए टाउनशिप, रेलवे लाइन आदि का कार्य चल रहा है। इनके लिए गिट्टी, सीमेंट, बजरी, रेत, उपकरण आदि सामान के करीब 500 ट्रक प्रतिदिन यहां पहुंचते हैं।
हर वक्त दुर्घटना का अंदेशा
भारी वाहन अक्सर जल्दी प्लांट पहुंचने के चक्कर में ओवरटेक करते हैं, इससे सड़क पर वाहन फंसने से जाम बना रहता है। वहीं गांव के बच्चे, महिलाएं और छोटे वाहन चालकों में हर वक्त इन वाहनों से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। लोगों ने प्लांट के लिए अलग रास्ता बनाने की आवाज उठानी शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना:-
- मलावन से बबरौती जाने वाला मार्ग इतना जर्जर हो गया है कि उस पर चलना तक दुश्वार है।
-संतोष कुमार।
- जवाहर तापीय परियोजना बनने से पहले ही क्षेत्रीय गांवों को जाने का रास्ता बर्वाद हो गया है। -
अवनीश कुमार।
- विकास इसलिए होता है कि उसका फायदा लोगों को मिले, यहां तो इसके उल्टा हो रहा है। -
राजकुमार ठाकुर।
- परियोजना के प्रबंधकों को गांवों को जाने वाले रास्ते को ठीक कराना चाहिए, जिससे ग्रामीण परेशन न रहें।
- नीलकमल तिवारी।
मामला संज्ञान में, बनवाएंगे सड़क
जवाहर तापीय परियोजन को आने वाले वाहनों के कारण रास्ता जर्जर हो गया है, यह मामला संज्ञान में आया है, इस संबंध में डीएम को अवगत कराया गया है। जल्द ही परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क बनवाई जाएगी।
योगेश कुमार, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
-------------
जल्द करेंगे प्रशासन के साथ मीटिंग
जवाहर तापीय परियोजना के लिए सामान लेकर ट्रक आदि वाहन आने के कारण गांवों को जाने वाला रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। जल्द ही प्रशासन और लोनिवि के साथ मीटिंग कर सड़क को बनवाया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को दिक्कत न हो।
राजेंद्र सिंह, एमडी, जवाहर तापीय परियोजना।
----
-11 एफ-
निर्देश के बाद भी नहीं रुक रही ओवरलोडिंग
एटा। सड़क सुरक्षा को लेकर एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिले में ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद भी जिले में धड़ल्ले से ओवरलोडिंग चल रही है, वहीं अधिकारी मौन है।
कलक्ट्रेट में सड़क सुरक्षा अभियान को लेकर एडीएम ने पीडब्ल्यूडी, परियोजनाओं के अधिकारियों व संभागीय परिवहन विभाग ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने एआरटीओ प्रवर्तन लक्ष्मन प्रसाद से ओवर लोड वाहनों के चालान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंपनी के जो भी वाहन लगे हैं। उनसे ओवरलोडिंग न कराई जाए। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट पर बड़े- बड़े बोर्ड लगताने के निर्देश दिए। एआटीओ से कहा, प्रदूषण फैला रहे वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई करने को कहा गया। न सभी के बावजूद जिले में न ओवरलोडिंग रुकी और न ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहन चिह्नित किए गए। आलम यह है कि जिले में निर्माण कार्य रहा रहीं कंपनी के वाहन धडल्ले से ओवरलोडिंग कर रहे है। इस ओर अधिकारियों को कोई ध्यान नहीं है। संवाद

ाईवेय वाईपास रोड निर्माण कार्य के लिए ओवर लोड मेटेरियल लेजाते ट्रक- संवाद- फोटो : ETAH