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‘अपनी सुरक्षा अपने हाथ’ की तर्ज पर लोग सक्रिय
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Wed, 07 Jan 2015 12:09 AM IST
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‘अपनी सुरक्षा अपने हाथ’ कहावत पर यहां के लोग अमल करने लगे हैं। निजी हथियार एवं सुरक्षा गार्ड बढ़ाने के साथ ही अब लोग सीसीटीवी कैमरे का भी सहारा ले रहे हैं। शहर की अधिकांश प्रतिष्ठित दुकानों और आवासों पर सीसीटीवी कैमरे लग चुके हैं।
बढ़ते अपराधों का खौफ कहें या पुलिस प्रशासन से उठता भरोसा। लोग अब सुरक्षा के लिए तकनीक का सहारा ले रहे हैं। इन दिनों सर्वाधिक भरोसा सीसीटीवी कैमरों पर है। बैंक ही नहीं शहर के सैकड़ों प्रतिष्ठान एवं आवास भी तीसरी आंख की निगरानी में हैं। आवासों एवं प्रतिष्ठानों पर लगे इन कैमरों में कैद होने से कुछ भी नहीं छूट रहा। लोग शस्त्र लाइसेंस, निजी सुरक्षा गार्ड आदि के नाम पर हजारों रुपये महीने का खर्च भी कर रहे हैं।
बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद कालोनी में सुरक्षा व्यवस्थाएं बढ़ा दी गई हैं। नियमित सुरक्षा गार्ड, बैरियर की व्यवस्था कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरों का भी प्रस्ताव है। कई लोग निजी स्तर पर कैमरे लगवा चुके हैं।
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- राजीव कैलानी, सदस्य, पुरुषार्थी आवासीय समिति, इंद्रपुरी
सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद चोरी और अन्य हेराफेरी की घटनाएं कम हो गई हैं। इस पर खर्च तो आया, लेकिन राहत भी मिली है। साथ ही हर आने-जाने वाले की रिकार्डिंग भी सुरक्षित रहती है।
- विकास जैन, रेडीमेड गारमेंट व्यवसायी
क्लोज सर्किट कैमरों से कई समस्याओं से निजात मिली है। स्टाफ एवं ग्राहकों की चोरी के अलावा अन्य संदिग्ध भी कैमरे की नजर में रहते हैं। इतना ही नहीं, सामान भूलने का बहना बनाने वाले भी कम हुए हैं। हर आने-जाने वाले की फुटेज मददगार साबित हो रही है।
- सतीश सतीजा, व्यापारी
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बढ़ते अपराधों का खौफ कहें या पुलिस प्रशासन से उठता भरोसा। लोग अब सुरक्षा के लिए तकनीक का सहारा ले रहे हैं। इन दिनों सर्वाधिक भरोसा सीसीटीवी कैमरों पर है। बैंक ही नहीं शहर के सैकड़ों प्रतिष्ठान एवं आवास भी तीसरी आंख की निगरानी में हैं। आवासों एवं प्रतिष्ठानों पर लगे इन कैमरों में कैद होने से कुछ भी नहीं छूट रहा। लोग शस्त्र लाइसेंस, निजी सुरक्षा गार्ड आदि के नाम पर हजारों रुपये महीने का खर्च भी कर रहे हैं।
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बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बाद कालोनी में सुरक्षा व्यवस्थाएं बढ़ा दी गई हैं। नियमित सुरक्षा गार्ड, बैरियर की व्यवस्था कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरों का भी प्रस्ताव है। कई लोग निजी स्तर पर कैमरे लगवा चुके हैं।
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- राजीव कैलानी, सदस्य, पुरुषार्थी आवासीय समिति, इंद्रपुरी
सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद चोरी और अन्य हेराफेरी की घटनाएं कम हो गई हैं। इस पर खर्च तो आया, लेकिन राहत भी मिली है। साथ ही हर आने-जाने वाले की रिकार्डिंग भी सुरक्षित रहती है।
- विकास जैन, रेडीमेड गारमेंट व्यवसायी
क्लोज सर्किट कैमरों से कई समस्याओं से निजात मिली है। स्टाफ एवं ग्राहकों की चोरी के अलावा अन्य संदिग्ध भी कैमरे की नजर में रहते हैं। इतना ही नहीं, सामान भूलने का बहना बनाने वाले भी कम हुए हैं। हर आने-जाने वाले की फुटेज मददगार साबित हो रही है।
- सतीश सतीजा, व्यापारी