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Etah News: काबिल लोग ही देंगे अभ्युदय कोचिंग में प्रशिक्षण
Mon, 14 Apr 2025 11:22 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:22 PM IST
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एटा। युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली अभ्युदय कोचिंग में अब काबिल लोग ही प्रशिक्षण देंगे। आयोग की कम से कम प्री परीक्षा पास करने वाले लोगों को ही यहां नियुक्ति दी जाएगी।
युवाओं का कॅरिअर संवारने के लिए प्रदेश सरकार महत्वकांक्षी अभ्युदय योजना चला रही है। इसमें संचालित की जाने वाली निशुल्क कोचिंग में उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराकर आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। गरीब विद्यार्थियों के साथ ही उनके लिए भी कोचिंग महत्वपूर्ण है जो विभिन्न मजबूरियों के चलते बाहर कोचिंग करने नहीं जा सकते।
उन्हें अपने जिले में रहकर ही इस तरह की कोचिंग का लाभ मिल सकता है। इसमें प्रशिक्षण देने के लिए लोगों को भुगतान भी किया जाता है। शुरूआती दौर में इसके लिए कोई विशेष दिशा-निर्देश नहीं थे। ऐसे में प्रवक्ताओं, शिक्षकों आदि को प्रशिक्षक नियुक्त कर युवाओं को प्रशिक्षण दिला दिया जाता था, लेकिन अब इसके लिए दिशा-निर्देश तय कर दिए गए हैं।
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इसके पीछे सोच है कि जो लोग आयोग की परीक्षा दे चुके हैं, वो प्रशिक्षक के रूप में युवाओं को अपने अनुभव के साथ बेहतर तरीके से प्रशिक्षण दे सकेंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी ने बताया कि ऐसे लोगों को ही प्रशिक्षक के तौर पर नियुक्त किया जाएगा जो आयोग की परीक्षा दे चुके हैं और कम से कम प्री परीक्षा में पास हुए हैं।
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युवाओं का कॅरिअर संवारने के लिए प्रदेश सरकार महत्वकांक्षी अभ्युदय योजना चला रही है। इसमें संचालित की जाने वाली निशुल्क कोचिंग में उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराकर आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है। गरीब विद्यार्थियों के साथ ही उनके लिए भी कोचिंग महत्वपूर्ण है जो विभिन्न मजबूरियों के चलते बाहर कोचिंग करने नहीं जा सकते।
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उन्हें अपने जिले में रहकर ही इस तरह की कोचिंग का लाभ मिल सकता है। इसमें प्रशिक्षण देने के लिए लोगों को भुगतान भी किया जाता है। शुरूआती दौर में इसके लिए कोई विशेष दिशा-निर्देश नहीं थे। ऐसे में प्रवक्ताओं, शिक्षकों आदि को प्रशिक्षक नियुक्त कर युवाओं को प्रशिक्षण दिला दिया जाता था, लेकिन अब इसके लिए दिशा-निर्देश तय कर दिए गए हैं।
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इसके पीछे सोच है कि जो लोग आयोग की परीक्षा दे चुके हैं, वो प्रशिक्षक के रूप में युवाओं को अपने अनुभव के साथ बेहतर तरीके से प्रशिक्षण दे सकेंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी ने बताया कि ऐसे लोगों को ही प्रशिक्षक के तौर पर नियुक्त किया जाएगा जो आयोग की परीक्षा दे चुके हैं और कम से कम प्री परीक्षा में पास हुए हैं।