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Etah News: पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन जैन मंदिरों में की गई उत्तम आर्जव धर्म की पूजा
Sat, 30 Aug 2025 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:32 PM IST
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सकीट में पूजा करते जैन समाज के लोग। संवाद
एटा। पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन शनिवार को जैन मंदिरों में उत्तम आर्जव धर्म की पूजा की गई। नेमिनाथ जिनालय में सुबह जिनअभिषेक कर शाम को प्रवचन किए गए।
इसमें आरके जैन ने कहा कि आर्जव धर्म आत्मा की स्वाभाविक परिणति है। मायाचारी न करना, कपट न करना, सरलता जिसका स्वभाव है वह आर्जव धर्म कहलाता है। नेमिनाथ महिला मंडल ने किसने किससे क्या कहा, बूझो तो जानें पहेलियों के माध्यम से प्रश्न मंच का आयोजन किया। छोटे बच्चों ने श्रावक के श्र से श्रद्धावान, व से विवेकवान और क से क्रियावान होना श्रावक की पहचान बताई। कार्यक्रम में सुलेखा जैन, कांक्षी जैन, बबिता जैन प्रेरणा, वर्षा जैन, अर्पित जैन, ओमप्रकाश जैन, नितिन जैन आदि लोग मौजूद रहे।
अवागढ़ में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन बड़े मंदिर में भगवान का जिनभिषेक करने वालों में तरुण कुमार, सिद्धांत जैन, रोहित जैन नितिन जैन, वैभव जैन आदि शामिल रहे। शाम को भक्तामर पाठ का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें आशुतोष जैन, अंकित जैन, परमिल जैन आदि मौजूद रहे।
अलीगंज के जैन मंदिर में श्रावक-श्राविकाओं ने उत्तम आर्जव धर्म का पालन किया। अक्षत जैन ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म आत्मसिद्धि का पर्व है। आर्जव धर्म से जीवन में सरलता आती है। उन्होंने कहा कि आज का इंसान मन में कुछ और वचन में कुछ और करता है। यही छल-कपट का मार्ग है। इस दौरान संध्या जैन, मंजू जैन, जूली, रेखा आदि मौजूद रहे।
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भगवान पारसनाथ की पूजा की
निधौली कलां। श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 24वें तीर्थकर भगवान पारसनाथ की पूजा की गई। क्रोध पर विजय पाना, दूसरों की गलतियों को सहन करना, मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहना आदि के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में बालेंदु जैन, यशिका जैन, आराधना जैन, कामिनी जैन, प्रवीण जैन आदि लोग मौजूद रहे। संवाद
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इसमें आरके जैन ने कहा कि आर्जव धर्म आत्मा की स्वाभाविक परिणति है। मायाचारी न करना, कपट न करना, सरलता जिसका स्वभाव है वह आर्जव धर्म कहलाता है। नेमिनाथ महिला मंडल ने किसने किससे क्या कहा, बूझो तो जानें पहेलियों के माध्यम से प्रश्न मंच का आयोजन किया। छोटे बच्चों ने श्रावक के श्र से श्रद्धावान, व से विवेकवान और क से क्रियावान होना श्रावक की पहचान बताई। कार्यक्रम में सुलेखा जैन, कांक्षी जैन, बबिता जैन प्रेरणा, वर्षा जैन, अर्पित जैन, ओमप्रकाश जैन, नितिन जैन आदि लोग मौजूद रहे।
अवागढ़ में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन बड़े मंदिर में भगवान का जिनभिषेक करने वालों में तरुण कुमार, सिद्धांत जैन, रोहित जैन नितिन जैन, वैभव जैन आदि शामिल रहे। शाम को भक्तामर पाठ का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें आशुतोष जैन, अंकित जैन, परमिल जैन आदि मौजूद रहे।
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अलीगंज के जैन मंदिर में श्रावक-श्राविकाओं ने उत्तम आर्जव धर्म का पालन किया। अक्षत जैन ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म आत्मसिद्धि का पर्व है। आर्जव धर्म से जीवन में सरलता आती है। उन्होंने कहा कि आज का इंसान मन में कुछ और वचन में कुछ और करता है। यही छल-कपट का मार्ग है। इस दौरान संध्या जैन, मंजू जैन, जूली, रेखा आदि मौजूद रहे।
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भगवान पारसनाथ की पूजा की
निधौली कलां। श्री 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में 24वें तीर्थकर भगवान पारसनाथ की पूजा की गई। क्रोध पर विजय पाना, दूसरों की गलतियों को सहन करना, मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहना आदि के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में बालेंदु जैन, यशिका जैन, आराधना जैन, कामिनी जैन, प्रवीण जैन आदि लोग मौजूद रहे। संवाद