{"_id":"66fa8f25f348dc4b2506ef7c","slug":"officers-measured-names-of-people-who-died-during-consolidation-in-etah-family-members-names-not-registered-2024-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही की हद: चकबंदी में मरने वालों को कर दिया जिंदा, अपना नाम दर्ज कराने को घरवाले काट रहे चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही की हद: चकबंदी में मरने वालों को कर दिया जिंदा, अपना नाम दर्ज कराने को घरवाले काट रहे चक्कर
Mon, 30 Sep 2024 05:14 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 30 Sep 2024 05:14 PM IST
सार
एटा में जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। चकबंदी में मरने वालों को जिंदा कर दिया। वहीं घरवाले अपना नाम दर्ज कराने को चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
खेत (फाइल)
विस्तार
उत्तर प्रदेश के एटा में विकासखंड अवागढ़ क्षेत्र के गांव हिनौना में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि मृतकों के नाम भी प्रक्रिया में शामिल कर दिए गए हैं। अपने नाम दर्ज कराने के लिए उनके परिजन चक्कर काट रहे हैं। इसके लिए रिश्वत मांगी जा रही है। ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है।
विज्ञापन
गांव के वीरपाल सिंह ने बताया कि करीब तीन साल पहले चकबंदी की प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहले हम लोगों के असल रकबा, नक्शा आदि बनाए गए। इसके बाद चकबंदी के तहत बनाकर दिए गए। लेकिन इसमें 18 मृतकों के नाम ही नक्शे बना दिए गए हैं। जबकि इनके परिजन ने मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र भी चकबंदी कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए। अब नाम परिवर्तन के लिए उनसे रुपये मांगे जा रहे हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा ग्रामीणों का यह भी कहना है कि चकबंदी प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई है, जो गांव के अधिकांश लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। 13 सितंबर को बैठक कराई गई। इसमें चकबंदी के पक्ष में कुल 25 और विरोध में 279 वोट पड़े। ऐसे में चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त कर देना चाहिए। प्रभारी एसओसी चकबंदी वेदप्रिय आर्य ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत व समस्या का पूरी तरह निस्तारण कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन