{"_id":"695bfef72924c4603c061953","slug":"no-wheelchair-no-stretcherthe-disabled-arrive-sliding-on-the-ground-etah-news-c-163-1-eta1004-144435-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: व्हीलचेयर न स्ट्रेचर...जमीन पर खिसकते पहुंचे दिव्यांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: व्हीलचेयर न स्ट्रेचर...जमीन पर खिसकते पहुंचे दिव्यांग
Mon, 05 Jan 2026 11:42 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 05 Jan 2026 11:42 PM IST
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर खिसकते हुए बाहर आती दिव्यांग महिला। संवाद
- फोटो : 1
एटा। डाक बगलिया स्थित सीएमओ कार्यालय परिसर में सोमवार को दिव्यांग शिविर आयोजित किया गया। यहां पर दिव्यांगों को अंदर तक जाने के लिए स्ट्रेचर, व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं थी। इस वजह से दिव्यांग कड़ाके की सर्दी में जमीन पर खिसकते हुए चिकित्सक के पास पहुंचे। इस दौरान कुल 55 दिव्यांगजन के प्रमाणपत्र बनाए गए, 4 को रेफर किया गया।
सोमवार को सुबह 10 बजे से पहले ही सर्दी में तमाम दिव्यांगजन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। दोपहर 11 बजे के बाद बोर्ड की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान दिव्यांगों को व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हुई। कुछ परिजन दिव्यांग को गोद में उठाकर चिकित्सक के पास ले गए। यहां पर नाम के लिए सिर्फ एक व्हीलचेयर है जिस पर एक ही दिव्यांग बैठ सकता है। अन्य दिव्यांग को जमीन पर खिसकते हुए चिकित्सक तक जाना पड़ा।
इस दौरान हड्डी के 44, आंख के 4, ईएनटी के 9 और मानसिक रोग के 2 दिव्यांग को मिलाकर कुल 59 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से हड्डी के 43, ईएनटी के 9, आंख के 2 और मानिसक रोग के 1 दिव्यांग को मिलाकर कुल 55 प्रमाणपत्र बनाए गए। एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी ने बताया कि यहां जांच सुविधा न होने के कारण 4 दिव्यांगों को रेफर किया गया है। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दिव्यांगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की व्यवस्था की जाएगी जिससे दिव्यांग को परेशानी न उठानी पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को सुबह 10 बजे से पहले ही सर्दी में तमाम दिव्यांगजन प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। दोपहर 11 बजे के बाद बोर्ड की प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान दिव्यांगों को व्हीलचेयर तक नसीब नहीं हुई। कुछ परिजन दिव्यांग को गोद में उठाकर चिकित्सक के पास ले गए। यहां पर नाम के लिए सिर्फ एक व्हीलचेयर है जिस पर एक ही दिव्यांग बैठ सकता है। अन्य दिव्यांग को जमीन पर खिसकते हुए चिकित्सक तक जाना पड़ा।
विज्ञापन
इस दौरान हड्डी के 44, आंख के 4, ईएनटी के 9 और मानसिक रोग के 2 दिव्यांग को मिलाकर कुल 59 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से हड्डी के 43, ईएनटी के 9, आंख के 2 और मानिसक रोग के 1 दिव्यांग को मिलाकर कुल 55 प्रमाणपत्र बनाए गए। एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी ने बताया कि यहां जांच सुविधा न होने के कारण 4 दिव्यांगों को रेफर किया गया है। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि दिव्यांगों की सुविधा के लिए अतिरिक्त व्हीलचेयर और स्ट्रेचर की व्यवस्था की जाएगी जिससे दिव्यांग को परेशानी न उठानी पड़े।

सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर खिसकते हुए बाहर आती दिव्यांग महिला। संवाद- फोटो : 1
विज्ञापन