{"_id":"6962908eea0f46bab80525a4","slug":"names-on-private-buses-are-confusing-causing-trouble-for-passengers-etah-news-c-163-1-eta1001-144678-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: निजी बसों पर लिखे नाम कर रहे भ्रमित, यात्री परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: निजी बसों पर लिखे नाम कर रहे भ्रमित, यात्री परेशान
Sat, 10 Jan 2026 11:16 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
रोडवेज स्टैंड के सामने जीटी रोड पर खड़ी निजी बस। संवाद
एटा। रोडवेज स्टैंड के आसपास किसी प्रकार का निजी वाहन खड़ाकर सवारी बिठाना मना है। इसके बावजूद प्रतिदिन 5 से 7 रोडवेज के रंग से मिलती निजी बसें चालक स्टैंड के सामने खड़ा करके भरते हैं। इन बसों पर लिखे नाम और रंग को देखकर यात्री भ्रमित हो रहे हैं।
लगभग 6 माह पूर्व रोडवेज स्टैंड के बाहर निगम की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाया गया। इस पर लिखा है कि स्टैंड के आसपास 1 किलोमीटर के दायरे में किसी प्रकार का निजी सवारी वाहन न तो खड़ा होगा और न ही सवारी बिठाएगा। ऐसा करते पाए जाने पर 1000 रुपये का जुर्माना सहित अन्य सजा होगी। इसके बाद भी निजी बसों के संचालक लगातार इस चेतावनी का उल्लंघन कर रहे हैं और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
निजी बसों के रोडवेज से मिलते-जुलते रंग और ऊपर नाम या ऐसे शब्द लिखे जाते हैं कि यात्री भ्रमित हो जाएं। रोडवेज बस में जिस तरह से बस के ऊपर आगे डिपो का नाम लिखा होता है, उसी तरह इन बसों पर स्थान का नाम लिखा रहता है। जल्दबाजी में पढ़ने वाले को समझ ही नहीं आता कि डिपो लिखा है या गंतव्य और प्रस्थान का स्थान। इसकी वजह से भ्रमित होकर यात्री इन बसों में बैठ जाते हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार की बसों पर कार्रवाई की जाती है मगर फिर से खड़ी कर लेते हैं। कई बार एआरटीओ और यातायात प्रभारी से कहा, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से निजी बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
लगभग 6 माह पूर्व रोडवेज स्टैंड के बाहर निगम की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाया गया। इस पर लिखा है कि स्टैंड के आसपास 1 किलोमीटर के दायरे में किसी प्रकार का निजी सवारी वाहन न तो खड़ा होगा और न ही सवारी बिठाएगा। ऐसा करते पाए जाने पर 1000 रुपये का जुर्माना सहित अन्य सजा होगी। इसके बाद भी निजी बसों के संचालक लगातार इस चेतावनी का उल्लंघन कर रहे हैं और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
निजी बसों के रोडवेज से मिलते-जुलते रंग और ऊपर नाम या ऐसे शब्द लिखे जाते हैं कि यात्री भ्रमित हो जाएं। रोडवेज बस में जिस तरह से बस के ऊपर आगे डिपो का नाम लिखा होता है, उसी तरह इन बसों पर स्थान का नाम लिखा रहता है। जल्दबाजी में पढ़ने वाले को समझ ही नहीं आता कि डिपो लिखा है या गंतव्य और प्रस्थान का स्थान। इसकी वजह से भ्रमित होकर यात्री इन बसों में बैठ जाते हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता ने बताया कि इस प्रकार की बसों पर कार्रवाई की जाती है मगर फिर से खड़ी कर लेते हैं। कई बार एआरटीओ और यातायात प्रभारी से कहा, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से निजी बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन