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Etah News: मेरी मां की दुआएं मेरे साथ हैं इसलिए मैं...
Thu, 06 Feb 2025 11:27 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 06 Feb 2025 11:27 PM IST
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एटा महोत्सव के पंडाल में बुधवार की रात हुए मुशायरे में कलाम पेश करते शायर अरशद जिया।
- फोटो : एटा महोत्सव के पंडाल में बुधवार की रात हुए मुशायरे में कलाम पेश करते शायर अरशद जिया।
एटा। राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी एटा महोत्सव के पंडाल में बुधवार की देर रात शुरू हुए मुशायरे में रात भर श्रोता जमे रहे। दूर-दराज से आए मशहूर शायरों ने उर्दू जुबान में शेरो-शायरी पेश करते हुए जमकर वाह-वाही लूटी।
महफिल-ए-मुशायरा में शायर जमील खैराबादी ने शायरी सुनाई, बुहत बुलंद फज़ा में तेरी पतंग सही, मगर मैं सोच रहा कि डोर किसके हाथ में हैं। शायर बाहिद अंसारी ने पेश किया, मुद्दतों के बाद मिले हैं तो मिले जी भरके चंद लम्हों की मुलाकात से डर लगता है। शायरा अना दहलवी ने कलाम पेश किया, मेरी मां की दुआएं मेरे साथ हैं, इसलिए मैं गिरते-गिरते संभलती रही। नवीन नीर ने सुनाया, लेंगे जो इंतिहान मेरा बेजमीर लोग, आएंगे अबकी बार नतीजे मेरे खिलाफ। अल्ताफ जिया ने कलाम पेश किया, कैसे-कैसे जुल्म अब सहते हैं लोग और ज़ुबां से कुछ नहीं कहते हैं लोग।
शायर फिरोजाबादी ने अपने जाने पहचाने अंदाज में कलाम पेश किया, फूल देकर हाथ में रुखसत वो हो गया, लेकिन तमाम जिस्म में कांटे चुभो गया। इनके बाद शायर मीसम गोपालपुरी, ताहिर सऊद, डॉ. मुजीब सहजर, आजाद रतलामी, सज्जााद झंझट, अरसद जिया, अख्तर कानपुरी, कलीम नूरी, डॉ. राही निजामी, साहिस्ता सना, राना जेवद, नूरी परवीन ने भी शायरी पेश की। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन एसएसपी श्याम नारायण सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी अवधपाल सिंह यादव ने किया।
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पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा, इंजीनियर नूर मोहम्मद, मेधाव्रत शास्त्री, पूर्व पालिकाध्यक्ष अशरफ हुसैन, डॉ. मेहजवीन, डॉ. प्रिया चौहान, जीशान कुरैशी आदि ने शमा रोशन की। संयोजक कशिश एटवी एवं संचालक सफीक आविदी ने सभी शायरों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
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महफिल-ए-मुशायरा में शायर जमील खैराबादी ने शायरी सुनाई, बुहत बुलंद फज़ा में तेरी पतंग सही, मगर मैं सोच रहा कि डोर किसके हाथ में हैं। शायर बाहिद अंसारी ने पेश किया, मुद्दतों के बाद मिले हैं तो मिले जी भरके चंद लम्हों की मुलाकात से डर लगता है। शायरा अना दहलवी ने कलाम पेश किया, मेरी मां की दुआएं मेरे साथ हैं, इसलिए मैं गिरते-गिरते संभलती रही। नवीन नीर ने सुनाया, लेंगे जो इंतिहान मेरा बेजमीर लोग, आएंगे अबकी बार नतीजे मेरे खिलाफ। अल्ताफ जिया ने कलाम पेश किया, कैसे-कैसे जुल्म अब सहते हैं लोग और ज़ुबां से कुछ नहीं कहते हैं लोग।
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शायर फिरोजाबादी ने अपने जाने पहचाने अंदाज में कलाम पेश किया, फूल देकर हाथ में रुखसत वो हो गया, लेकिन तमाम जिस्म में कांटे चुभो गया। इनके बाद शायर मीसम गोपालपुरी, ताहिर सऊद, डॉ. मुजीब सहजर, आजाद रतलामी, सज्जााद झंझट, अरसद जिया, अख्तर कानपुरी, कलीम नूरी, डॉ. राही निजामी, साहिस्ता सना, राना जेवद, नूरी परवीन ने भी शायरी पेश की। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन एसएसपी श्याम नारायण सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी अवधपाल सिंह यादव ने किया।
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पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा, इंजीनियर नूर मोहम्मद, मेधाव्रत शास्त्री, पूर्व पालिकाध्यक्ष अशरफ हुसैन, डॉ. मेहजवीन, डॉ. प्रिया चौहान, जीशान कुरैशी आदि ने शमा रोशन की। संयोजक कशिश एटवी एवं संचालक सफीक आविदी ने सभी शायरों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।