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सीवरलाइन की खराब गुणवत्ता पर हाईकोर्ट जाएगी पालिका
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गांधी मार्केट में चल रही सीवर लाइन की खुदाई का दृश्य- संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। शहर में सीवरलाइन डालने के कार्य में हद दर्जे की लापरवाही बरती जा रही है। पाइप लाइन के नीचे न तो गिट्टियां बिछाई जा रही हैं और न ही अव्वल दर्ज की ईंट। चेंबर भी बनने के साथ ही क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। उन पर ठीक से प्लास्टर और सीमेंट तक नहीं लगाया जा रहा है। पालिका अध्यक्ष ने जल निगम के अफसरों पर कार्य में लापरवाही और मानकों के अनुरूप कार्य न कराए जाने का आरोप लगाया है।
कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रदेश स्तरीय टेक्निकल कमेटी से जांच कराए जाने की मांग की है। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश गांधी ने कहा कि कि लगभग 350 करोड़ की लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्य से शहर बर्बाद हो रहा है। सीवर लाइन का कार्य बहुत निम्नस्तर का हो रहा है। पक्की ईंट लगाने की बजाय पीला ईंट का प्रयोग किया जा रहा है।
सीमेंट का मसाला मिट्टी में मिलाकर लगाया जा रहा है। सीवर लाइन के अंदर बनाए जा रहे चेंबरों में प्लास्टर तक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पाइप लाइनों के नीचे गिट्टी डालना प्रस्तावित है फिर भी गिट्टी नहीं डाली जा रही है। घटिया किस्म के पाइप डाले जा रहे हैं। पतली गलियों में पाइप के आगे शटरिंग लगाने का प्रावधान है लेकिन शटरिंग भी नहीं लगाई जा रही है। जिला, प्रदेश स्तर पर भी शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। राकेश गांधी ने मांग की कि प्रदेश सरकार सीवर लाइन कार्य की टेक्निकल स्तर पर मॉनीटरिंग टीम बनाकर जांच करे।
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दूसरे फेज में चल रहा है काम
सीवर लाइन परियोजना में अभी दूसरे फेज में काम चल रहा है। जिसमें 53.96 करोड़ रुपये के खर्च के साथ 35.51 किमी लाइन डाली जा रही है। जिसमें सिविल लाइंस, गांधी मार्केट, आगरा रोड के क्षेत्र शामिल हैं।
तीसरे फेज का काम जनवरी में होगा शुरू
परियोजना में तीसरे चरण में जोन वन और जोन टू में काम होगा। जिसमें 55.01 किमी लाइन डाली जाएगी। साथ ही 68.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस दौरान नगर के रेलवे रोड, शांतिनगर, ठंडी सड़क, कटरा मोहल्ला, शृंगार नगर, निधौली रोड के क्षेत्र शामिल होंगे।
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कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रदेश स्तरीय टेक्निकल कमेटी से जांच कराए जाने की मांग की है। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश गांधी ने कहा कि कि लगभग 350 करोड़ की लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्य से शहर बर्बाद हो रहा है। सीवर लाइन का कार्य बहुत निम्नस्तर का हो रहा है। पक्की ईंट लगाने की बजाय पीला ईंट का प्रयोग किया जा रहा है।
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सीमेंट का मसाला मिट्टी में मिलाकर लगाया जा रहा है। सीवर लाइन के अंदर बनाए जा रहे चेंबरों में प्लास्टर तक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पाइप लाइनों के नीचे गिट्टी डालना प्रस्तावित है फिर भी गिट्टी नहीं डाली जा रही है। घटिया किस्म के पाइप डाले जा रहे हैं। पतली गलियों में पाइप के आगे शटरिंग लगाने का प्रावधान है लेकिन शटरिंग भी नहीं लगाई जा रही है। जिला, प्रदेश स्तर पर भी शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। राकेश गांधी ने मांग की कि प्रदेश सरकार सीवर लाइन कार्य की टेक्निकल स्तर पर मॉनीटरिंग टीम बनाकर जांच करे।
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दूसरे फेज में चल रहा है काम
सीवर लाइन परियोजना में अभी दूसरे फेज में काम चल रहा है। जिसमें 53.96 करोड़ रुपये के खर्च के साथ 35.51 किमी लाइन डाली जा रही है। जिसमें सिविल लाइंस, गांधी मार्केट, आगरा रोड के क्षेत्र शामिल हैं।
तीसरे फेज का काम जनवरी में होगा शुरू
परियोजना में तीसरे चरण में जोन वन और जोन टू में काम होगा। जिसमें 55.01 किमी लाइन डाली जाएगी। साथ ही 68.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस दौरान नगर के रेलवे रोड, शांतिनगर, ठंडी सड़क, कटरा मोहल्ला, शृंगार नगर, निधौली रोड के क्षेत्र शामिल होंगे।