{"_id":"432e10efeae0a5ca2966fc3ebe0fde9e","slug":"millions-spent-on-beautification-of-parks-waste-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पार्कों के सौंदर्यीकरण पर लाखों खर्च भी बेकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पार्कों के सौंदर्यीकरण पर लाखों खर्च भी बेकार
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
Updated Mon, 28 Dec 2015 10:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के प्रमुख पार्कों में सुंदरीकरण के नाम पर लाखों रुपये की तरह बहाए गए, लेकिन अब पार्कों की सुंदरता तो दूर उसका रखरखाव भी नहीं हो पा रहा। शहर के प्रमुख पार्क देखरेख के अभाव में दुर्दशा का शिकार हो रहे हैं।
नगर के प्रमुख प्रभु पार्क और ततारपुर कालोनी निचली गंगा हजारा नहर के किनारे पिकनिक स्पॉट विकसित करने की तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर ने पहल की थी। हजारा नहर के पास हरियाली पार्क के चारों और फैंसिंग और अन्य विकास के काम कराए मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए। लोगों के बैठने के लिए राजस्थानी पत्थरों की बैंच बनवाई गईं।
सुरक्षाकर्मी, साफ सफाई के लिए कर्मियों की व्यवस्था की थी। लेकिन अब देखरेख के अभाव में लगातार पार्क की दुर्दशा हो रही है। पार्क में बैंच, झूले सभी टूटे हुए हैं। पिकनिक स्पॉट पर जाने वाले लोग भी पार्क की दुर्दशा के कारण अब पार्क की ओर रुख नहीं करते। यही हाल प्रभु पार्क का है। यहां भी हरियाली गायब हो चुकी है कोई पार्क की देखरेख करने वाला नहीं है।
विज्ञापन
नवनिर्मित पार्क में भी मानकों की अनदेखी की गई। जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं। दोपहिया वाहनों के प्रवेश के लिए नो एंट्री की व्यवस्था लागू की गई लेकिन ड्यूटी पर लगे कर्मियों के नहीं होने से अब व्यवस्थाएं ठप पड़ी हैं।
पार्क में सुंदरीकरण के लिए पैसा बहाया गया, लेकिन देखरेख के अभाव में पार्क की दुर्दशा हो रही है। पालिका को पार्क के विकास और देखरेख पर ध्यान देना चाहिए।
- अखिलेश माहेश्वरी, आम नागरिक
पार्कों की देखरेख में लगे कर्मियों की अनियमितता की लगातार शिकायत मिल रही थीं जिसके चलते कर्मियों को पार्कों से हटाया गया है। सुंदरीकरण के लिए पालिका गंभीर है।
- पालिकाध्यक्ष, रूपकिशोर कुश्वाह
विज्ञापन
नगर के प्रमुख प्रभु पार्क और ततारपुर कालोनी निचली गंगा हजारा नहर के किनारे पिकनिक स्पॉट विकसित करने की तत्कालीन डीएम मासूम अली सरवर ने पहल की थी। हजारा नहर के पास हरियाली पार्क के चारों और फैंसिंग और अन्य विकास के काम कराए मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए। लोगों के बैठने के लिए राजस्थानी पत्थरों की बैंच बनवाई गईं।
विज्ञापन
सुरक्षाकर्मी, साफ सफाई के लिए कर्मियों की व्यवस्था की थी। लेकिन अब देखरेख के अभाव में लगातार पार्क की दुर्दशा हो रही है। पार्क में बैंच, झूले सभी टूटे हुए हैं। पिकनिक स्पॉट पर जाने वाले लोग भी पार्क की दुर्दशा के कारण अब पार्क की ओर रुख नहीं करते। यही हाल प्रभु पार्क का है। यहां भी हरियाली गायब हो चुकी है कोई पार्क की देखरेख करने वाला नहीं है।
विज्ञापन
नवनिर्मित पार्क में भी मानकों की अनदेखी की गई। जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं। दोपहिया वाहनों के प्रवेश के लिए नो एंट्री की व्यवस्था लागू की गई लेकिन ड्यूटी पर लगे कर्मियों के नहीं होने से अब व्यवस्थाएं ठप पड़ी हैं।
पार्क में सुंदरीकरण के लिए पैसा बहाया गया, लेकिन देखरेख के अभाव में पार्क की दुर्दशा हो रही है। पालिका को पार्क के विकास और देखरेख पर ध्यान देना चाहिए।
- अखिलेश माहेश्वरी, आम नागरिक
पार्कों की देखरेख में लगे कर्मियों की अनियमितता की लगातार शिकायत मिल रही थीं जिसके चलते कर्मियों को पार्कों से हटाया गया है। सुंदरीकरण के लिए पालिका गंभीर है।
- पालिकाध्यक्ष, रूपकिशोर कुश्वाह