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Etah News: भाजपा के तरकश से खूब निकले ध्रुवीकरण के तीर

Sat, 04 May 2024 11:21 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Sat, 04 May 2024 11:21 PM IST
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Many arrows of polarization came out of BJP's quiver
एटा। इस बार चुनाव प्रचार के दरम्यान कुछ अलग रंग दिखे तो कुछ ढर्रे वाली बयानबाजी भी सामने आती रही। भाजपा ने मतदाताओं के ध्रुवीकरण का ही लक्ष्य साधा। एटा लोकसभा क्षेत्र में आए केंद्रीय गृहमंत्री से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्रियों ने हिंदुत्व के मुद्दों को जमकर उछाला। जबकि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण के साथ सपा के प्रचार में इस बार एससी मतदाताओं को लुभाने की बेचैनी नजर आई। यहां आए अखिलेश की सभा में बार-बार डॉ. आंबेडकर और संविधान का जिक्र किया गया।बड़े नेताओं में सबसे पहली सभा कासगंज के सोरों जी में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की हुई। उन्होंने अयोध्या और राम मंदिर निर्माण को अपने संबोधन में प्रमुखता से रखा। कल्याण सिंह का जिक्र करना भी नहीं भूले। 24 अप्रैल को कासगंज में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दूसरी सरकारों में अन्य संप्रदाय को बढ़ावा और हिंदुओं की अनदेखी की ओर इशारा किया। कहा था कि 2014 से पहले कहीं भी दंगे हो जाते थे। फिर घूमकर अयोध्या पहुंचे। संविधान का अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने की भी याद लोगों को दिलाई।
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28 अप्रैल को कासगंज में आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिंदुत्व के मुद्दों को और धार दी। कहा कि यह चुनाव कारसेवकों पर गोली चलवाने वालों और मंदिर बनवाने वालों के बीच है। हमने अयोध्या में राममंदिर का सपना साकार किया है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव निमंत्रण के बाद भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
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इसी दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जलेसर में थे। जो हिंदुत्व को लेकर और ज्यादा प्रखर थे। कांग्रेस के घोषणा पत्र में तालिबानीकरण, इस्लामीकरण का हवाला दिया। कहा कि सपा, कांग्रेस, बसपा कभी नहीं चाहती थीं कि रामलला मंदिर में विराजमान हों। बिना नाम लिए सपा प्रमुख पर एक माफिया के घर जाकर फातिहा पढ़ने का तंज कसा। वहीं 1 मई को एटा में भी जनसभा के दौरान सीएम के तेवर तल्ख रहे। यहां उन्होंने गोमांस, गोहत्या की भी बात छेड़ दी। कहा कि कांग्रेस मुसलमानों को गोमांस खिलाना चाहती है। गोहत्या कराना चाहती है, जो पाप है। आपका वोट इस पाप का साथ देने का काम करेगा।
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सपा मुखिया अखिलेश यादव ध्रुवीकरण को रोकने के लिए गंभीर दिखे। एटा में 29 अप्रैल को सभा के दौरान हर वर्ग के लिए बातें रखीं। यादव, मुस्लिम के साथ ही धनगर समाज को भी तवज्जो दी। गौरतलब बात यह थी कि मंच के दोनों ओर डॉ. आंबेडकर के कटआउट लगाए गए थे। जबकि उनके साथ मंच पर डॉ. आंबेडकर के वेश में एक युवक काफी देर तक रहा। अखिलेश यादव ने मंच से संविधान की पुस्तक भी लोगों को दिखाई। स्पष्ट था कि वह दलित मतदाताओं को लेकर बेचैन हैं। बसपा की कमजोरी को अवसर के रूप में भुनाना चाहते हैं। एससी वोटर को अपने पाले में खींचकर पलड़ा भारी करने का भरसक प्रयास किया। संवाद
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