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Etah News: मोबाइल नंबर व आधार की अनिवार्यता, इलाज में बन रही बाधा
Tue, 15 Oct 2024 10:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 15 Oct 2024 10:56 PM IST
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एटा। मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन पर्चे बन रहे हैं। ऐसे में मरीज से मोबाइल नंबर सहित आधार नंबर मांगा जाता है। अगर यह नहीं है तो पर्चा नहीं बनता है। मंगलवार को मरीजों का पर्चा नहीं बना तो वह लौट गए।
मेडिकल कॉलेज 400 बेड का है। सुबह आठ बजे से ओपीडी शुरू होती है, जो दोपहर दो बजे तक चलती है। इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यहां 3000 तक ओपीडी पहुंच रही है। शासन ने आभा एप के जरिए ओपीडी के पर्चे बनाने की व्यवस्था शुरू की है। इसके लिए मरीजों के पास मोबाइल व आधार नंबर होना जरूरी है। मंगलवार को पंजीकरण काउंटर के बाहर मरीजों की भीड़ थी।
मरीजों से मोबाइल और आधार नंबर लिया जा रहा था। तब जाकर उनका आभा एप में नाम दर्ज होने के बाद पर्चा बन पाया, लेकिन कई मरीज ऐसे रहे, जिनके पास न तो मोबाइल था और न ही वह आधार कार्ड लेकर पहुंचे थे। जिसके चलते उन्हें बिना उपचार कराए ही लौटना पड़ा। गांव पवांस से आई रामवेटी ने बताया नातिन को दवा दिलाने लाए थे। मोबाइल चलाना जानते नहीं। आधार कार्ड लेकर नहीं आए तो पर्चा ही नहीं बना।
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मरीजों के पर्चे बनवाने के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए जो व्यवस्था चल रही है इसमें बदलाव होना चाहिए। आधार व मोबाइल लेकर जो न आएं उनका भी पर्चा बनना चाहिए। -अनुष्का शर्मा, नई बस्ती
खांसी की शिकायत थी मंगलवार को दवा लेने आए लाइन में लगकर काउंटर के पास तक पहुंचे। यहां आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मांगा गया। दोनों नहीं थे ऐसे में पर्चा नहीं बन सका। -शिवानी कुमारी, सकीट
शासन के निर्देश पर आभा एप के जरिए ओपीडी के पर्चे बनाए जा रहे हैं। आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है। दिक्कत हो जाती है। उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। -डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस
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मेडिकल कॉलेज 400 बेड का है। सुबह आठ बजे से ओपीडी शुरू होती है, जो दोपहर दो बजे तक चलती है। इन दिनों मौसम में बदलाव हो रहा है। ऐसे में लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यहां 3000 तक ओपीडी पहुंच रही है। शासन ने आभा एप के जरिए ओपीडी के पर्चे बनाने की व्यवस्था शुरू की है। इसके लिए मरीजों के पास मोबाइल व आधार नंबर होना जरूरी है। मंगलवार को पंजीकरण काउंटर के बाहर मरीजों की भीड़ थी।
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मरीजों से मोबाइल और आधार नंबर लिया जा रहा था। तब जाकर उनका आभा एप में नाम दर्ज होने के बाद पर्चा बन पाया, लेकिन कई मरीज ऐसे रहे, जिनके पास न तो मोबाइल था और न ही वह आधार कार्ड लेकर पहुंचे थे। जिसके चलते उन्हें बिना उपचार कराए ही लौटना पड़ा। गांव पवांस से आई रामवेटी ने बताया नातिन को दवा दिलाने लाए थे। मोबाइल चलाना जानते नहीं। आधार कार्ड लेकर नहीं आए तो पर्चा ही नहीं बना।
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मरीजों के पर्चे बनवाने के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए जो व्यवस्था चल रही है इसमें बदलाव होना चाहिए। आधार व मोबाइल लेकर जो न आएं उनका भी पर्चा बनना चाहिए। -अनुष्का शर्मा, नई बस्ती
खांसी की शिकायत थी मंगलवार को दवा लेने आए लाइन में लगकर काउंटर के पास तक पहुंचे। यहां आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मांगा गया। दोनों नहीं थे ऐसे में पर्चा नहीं बन सका। -शिवानी कुमारी, सकीट
शासन के निर्देश पर आभा एप के जरिए ओपीडी के पर्चे बनाए जा रहे हैं। आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है। दिक्कत हो जाती है। उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। -डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस