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कोरोना काल में जीवन के रखवाले बने धरती के भगवान

Wed, 30 Jun 2021 11:04 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 11:04 PM IST
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Lord of the earth became the keeper of life in the Corona period
डॉ. सौरभ राजपूत। - फोटो : ETAH
एटा। कोरोना काल में तो डॉक्टरों की महत्ता को हर किसी ने पहचाना। दुनिया ने देखा कि कैसे डॉक्टरों ने दिन-रात काम करके मरीजों की जान बचाई और लोगों के जीवन के रखवाले बन गए। अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहे। जब भी कोई व्यक्ति बीमार पड़ता है, तो वह डॉक्टर के पास ही जाता है, क्योंकि डॉक्टर ही लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों से बचाते हैं। डॉक्टर को यूं ही धरती के भगवान का दर्जा नहीं दिया जाता है, उसके पीछे उनकी मेहनत और लगन होती है। मुश्किल भरे वक्त में डॉक्टर ही मरीजों को ठीक करते हैं और नई जिंदगी देने का काम करते हैं।
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नहीं हारी हिम्मत, स्वस्थ होकर फिर सेवा में जुटे डॉ. नकुल
डॉ. नकुल राना ने वर्ष 2020 से लगातार कोविड अस्पताल में ड्यूटी की। 2021 में अप्रैल माह में संक्रमित हो गए। पत्नी भी संक्रमित हो गईं। हालत खराब होने पर हिम्मत नहीं हारी और होम आइसोलेशन में रहकर इलाज के जरिये कोरोना को मात दे दी। स्वस्थ होने के बाद फिर कोविड अस्पताल में मरीजों की सेवा में जुट गए।
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डॉ. अंकित ने अस्पताल के अलावा घरों में भी देखे मरीज
एक मात्र चेस्ट फिजीशियन डॉ. अंकित मित्तल इरादों के पक्के हैं। बीते वर्ष जिले में आए और कोविड अस्पताल में उनकी ड्यूटी लगा दी गई। वहां मरीजों को देखा। साथ ही फोन पर भी ठीक होने की सलाह दी। कई मरीजों का घर जाकर इलाज किया। पत्नी और बच्चों को अलग फ्लैट में कर दिया। मरीजों की सेवा को अपना धर्म समझा।
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कॉल आते ही दवा लेकर संक्रमितों के घर जाते थे डॉ. रविंद्र
डॉ. रविंद्र चौहान ने कोरोना की प्रथम लहर से लेकर दूसरी लहर तक में सेवा को ही अपना धर्म समझा। उन्होंने अपना नंबर सोशल मीडिया पर जारी कर दिया। जैसे ही किसी ने जांच व दवा के लिए कॉल की, तो 20 से 25 मिनट में उसके दरवाजे पर जा पहुंचे। दूसरी लहर में संक्रमित भी हुए। स्वस्थ होकर लौटते ही फिर सेवा में जुट गए।

डॉ. सौरभ राजपूत ने दिन-रात ड्यूटी कर निभाया फर्ज
कोरोना संक्रमण जब चरम पर था, तो प्राइवेट नर्सिंग होम प्रसव कराने के लिए महिलाओं को भर्ती करने में आनाकानी कर रहे थे। इस कारण परिजन परेशान थे। उस समय महिला जिला अस्पताल में तैनात डॉ. सौरभ राजपूत गर्भवती महिलाओं के लिए मसीहा बने। अन्य स्टाफ के साथ दिन-रात ड्यूटी कर बखूबी अपना फर्ज निभाया।

डॉ. नकुल राना।

डॉ. नकुल राना।- फोटो : ETAH

डॉ. रविन्द्र चौहान।

डॉ. रविन्द्र चौहान।- फोटो : ETAH

डॉ. अंकित मित्तल ।

डॉ. अंकित मित्तल ।- फोटो : ETAH

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