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फार्म हाउस की जमीन के काश्तकारों की हो रही तलाश
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एटा। सपा नेताओं के फार्म हाउस से मुक्त कराई गई जमीन के काश्तकारों की तलाश की जा रही है। अभी तक एक ही काश्तकार सामने आया है।
जीटी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के पास सपा नेता पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव का फार्म हाउस स्थित है। जो कुल 185 बीघा में बना हुआ था।
शीतलपुर गांव के काश्तकार रामप्रकाश की शिकायत पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। जमीनी अभिलेख खंगाले गए तो इसमें काफी हिस्सा ग्राम सभा की जमीन का भी निकला। तहसीलदार सीपी सिंह ने बताया कि सपा नेताओं, उनके परिवारीजनों और दो फर्म के नाम करीब 60 बीघा जमीन थी। जबकि 50 बीघा जमीन सरकारी है। करीब 75 बीघा जमीन कई काश्तकारों की है। जिस पर कब्जा कर लिया गया था। अब यह जमीन कब्जामुक्त करा ली गई है। जो भी संबंधित काश्तकार अभिलेख लेकर आएंगे, जांच कर उन्हें भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी।
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लंबित है कई बैनामों का विवाद
सपा नेताओं ने कई काश्तकारों से जमीन खरीदकर बैनामे भी कराए लेकिन कई बैनामे कानूनी अड़चन में फंस गए। तहसीलदार ने बताया कि एक व्यक्ति के नाम 12.5 बीघा जमीन से ज्यादा का बैनामा नहीं हो सकता। इसलिए कई बैनामों का विवाद चल रहा है।
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भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज किए दोनों के नाम
पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिपं अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के नाम बृहस्पतिवार को भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। तहसील की आख्या और कोतवाली नगर में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
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जीटी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के पास सपा नेता पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव का फार्म हाउस स्थित है। जो कुल 185 बीघा में बना हुआ था।
शीतलपुर गांव के काश्तकार रामप्रकाश की शिकायत पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। जमीनी अभिलेख खंगाले गए तो इसमें काफी हिस्सा ग्राम सभा की जमीन का भी निकला। तहसीलदार सीपी सिंह ने बताया कि सपा नेताओं, उनके परिवारीजनों और दो फर्म के नाम करीब 60 बीघा जमीन थी। जबकि 50 बीघा जमीन सरकारी है। करीब 75 बीघा जमीन कई काश्तकारों की है। जिस पर कब्जा कर लिया गया था। अब यह जमीन कब्जामुक्त करा ली गई है। जो भी संबंधित काश्तकार अभिलेख लेकर आएंगे, जांच कर उन्हें भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी।
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लंबित है कई बैनामों का विवाद
सपा नेताओं ने कई काश्तकारों से जमीन खरीदकर बैनामे भी कराए लेकिन कई बैनामे कानूनी अड़चन में फंस गए। तहसीलदार ने बताया कि एक व्यक्ति के नाम 12.5 बीघा जमीन से ज्यादा का बैनामा नहीं हो सकता। इसलिए कई बैनामों का विवाद चल रहा है।
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भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज किए दोनों के नाम
पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिपं अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के नाम बृहस्पतिवार को भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं। तहसील की आख्या और कोतवाली नगर में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।