{"_id":"67509f8c33dda959b2093fe5","slug":"lived-together-since-childhood-and-left-this-world-together-etah-news-c-163-1-sagr1016-126555-2024-12-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: बचपन से साथ रहे और साथ ही छोड़ गए दुनिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: बचपन से साथ रहे और साथ ही छोड़ गए दुनिया
Wed, 04 Dec 2024 11:59 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
एटा। हादसे में जिन तीन युवकों की मौत हुई है, वे गांव के माहौल में दोस्त बने। बचपन से बड़े होने तक साथ रहे और एक साथ ही दुनिया भी छोड़ गए। पोस्टमार्टम गृह पर आए उनके परिजन भी यही बातें बोलते हुए गमगीन नजर आ रहे थे।
गांव जिटौली का इकेश और गांव नगला समन का अनूप वर्तमान में नोएडा में रह रहे थे। एक ट्रैवल एजेंसी में कार ड्राइविंग का काम करते थे। जबकि विजय उर्फ करू एटा में ही ऑटो चलाता था।
मंगलवार रात ट्रक-कार की भीषण भिड़ंत के बाद तीनों दोस्तों के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर लाया गया। वहां मौजूद हर कोई उनकी दोस्ती की चर्चा कर रहा था। इकेश के मौसी के बेटे ललित ने बताया कि इकेश के ममेरे भाई की शादी 18 नवंबर को हुई थी। तीनों दोस्त एक साथ छुट्टी लेकर इस शादी में पहुंचे थे।
विज्ञापन
इनकी दोस्ती ऐसी थी की कोई एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहता था। पिछले दो-तीन दिनों से तीनों एक साथ ही कहीं घूमने भी गए थे।
मगर किसी को यह नहीं पता था कि तीनों की मौत भी एक साथ हो जाएगी। कई बार इन लोगों से साथ रहने के लिए मना भी किया गया। लेकिन यह एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते थे। कई बार इस बात को लेकर परिजन से बोलचाल भी बंद हुई।
विज्ञापन
गांव जिटौली का इकेश और गांव नगला समन का अनूप वर्तमान में नोएडा में रह रहे थे। एक ट्रैवल एजेंसी में कार ड्राइविंग का काम करते थे। जबकि विजय उर्फ करू एटा में ही ऑटो चलाता था।
विज्ञापन
मंगलवार रात ट्रक-कार की भीषण भिड़ंत के बाद तीनों दोस्तों के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर लाया गया। वहां मौजूद हर कोई उनकी दोस्ती की चर्चा कर रहा था। इकेश के मौसी के बेटे ललित ने बताया कि इकेश के ममेरे भाई की शादी 18 नवंबर को हुई थी। तीनों दोस्त एक साथ छुट्टी लेकर इस शादी में पहुंचे थे।
विज्ञापन
इनकी दोस्ती ऐसी थी की कोई एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहता था। पिछले दो-तीन दिनों से तीनों एक साथ ही कहीं घूमने भी गए थे।
मगर किसी को यह नहीं पता था कि तीनों की मौत भी एक साथ हो जाएगी। कई बार इन लोगों से साथ रहने के लिए मना भी किया गया। लेकिन यह एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते थे। कई बार इस बात को लेकर परिजन से बोलचाल भी बंद हुई।