{"_id":"58dfeca64f1c1be53763ea56","slug":"laisens-ke-lie-aanalain-aavedan-karen-meet-vikreta","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाइसेंस के लिए आनलाइन आवेदन करें मीट विक्रेता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाइसेंस के लिए आनलाइन आवेदन करें मीट विक्रेता
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Apr 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
मांस
मीट के रिटेल कारोबार के लिए दुकानदारों को अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी विभाग लाइसेंस जारी करेगा। लाइसेंस खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 एवं खाद्य सुरक्षा मानक 2011 के तहत ये लाइसेंस जारी होंगे।
मीट के रिटेल कारोबारियों को ऑनलाइन आवेदन से पहले संबंधित विभागाें से एनओसी के साथ जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करनी पड़ेगी। विक्रेता पहले नगर पंचायत या नगर पालिका से एनओसी लेंगे। एनओसी को प्रिंटेड फार्म के साथ जमा करना होगा। जिन रिटेल विक्रेताओं को 12 लाख रुपये सालाना टर्नओवर है वे 100 रुपये का चालान फार्म एसबीआई मुख्य ब्रांच कचहरी रोड में जमा कराएंगे। लेकिन जिनका रिटेल कारोबार 12 लाख रुपये सालाना से अधिक है वे 2000 रुपये का चालान फार्म जमा कराएंगे। मीट विक्रेताओं को महज 15 दिन में फार्म खाद्य सुरक्षा विभाग में जमा कराने होंगे। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव का कहना है कि अभीतक करीब 90 कारोबारी लाइसेंस के लिए संपर्क कर चुके हैं, लेकिन लाइसेंस सिर्फ एक जारी हो पाया है।
------------------
जिले की तीन नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों में एक भी स्लॉटर हाउस नहीं है। ऐसे मे सवाल उठता है कि जब बकरा और मुर्गो काटने के लिए स्लॉटर हाउस नहीं तो रिटेल कारोबार के लिए मीट आएगा कहां से।
विज्ञापन
मीट विक्रेता बाबूगंज निवासी अकरम, परवेज और मारहरा दरवाजा निवासी नईम ने बताया कि यहां कोई संगठन नहीं है, लेकिन ज्यादातर मीट विक्रेता अनपढ़ होने के कारण विभाग लाइसेंस की प्रक्रिया सरल बनाए। ताकि लाइसेंस के लिए विभागों के चक्कर लगाने से निजात मिले।
विज्ञापन
मीट के रिटेल कारोबारियों को ऑनलाइन आवेदन से पहले संबंधित विभागाें से एनओसी के साथ जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करनी पड़ेगी। विक्रेता पहले नगर पंचायत या नगर पालिका से एनओसी लेंगे। एनओसी को प्रिंटेड फार्म के साथ जमा करना होगा। जिन रिटेल विक्रेताओं को 12 लाख रुपये सालाना टर्नओवर है वे 100 रुपये का चालान फार्म एसबीआई मुख्य ब्रांच कचहरी रोड में जमा कराएंगे। लेकिन जिनका रिटेल कारोबार 12 लाख रुपये सालाना से अधिक है वे 2000 रुपये का चालान फार्म जमा कराएंगे। मीट विक्रेताओं को महज 15 दिन में फार्म खाद्य सुरक्षा विभाग में जमा कराने होंगे। खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव का कहना है कि अभीतक करीब 90 कारोबारी लाइसेंस के लिए संपर्क कर चुके हैं, लेकिन लाइसेंस सिर्फ एक जारी हो पाया है।
विज्ञापन
------------------
जिले की तीन नगर पालिका और पांच नगर पंचायतों में एक भी स्लॉटर हाउस नहीं है। ऐसे मे सवाल उठता है कि जब बकरा और मुर्गो काटने के लिए स्लॉटर हाउस नहीं तो रिटेल कारोबार के लिए मीट आएगा कहां से।
विज्ञापन
मीट विक्रेता बाबूगंज निवासी अकरम, परवेज और मारहरा दरवाजा निवासी नईम ने बताया कि यहां कोई संगठन नहीं है, लेकिन ज्यादातर मीट विक्रेता अनपढ़ होने के कारण विभाग लाइसेंस की प्रक्रिया सरल बनाए। ताकि लाइसेंस के लिए विभागों के चक्कर लगाने से निजात मिले।