फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   kuchh ko do-do hajaar mile, kuchh ko vah bhee nahin

कुछ को दो-दो हजार मिले, कुछ को वह भी नहीं

Thu, 01 Dec 2016 10:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 01 Dec 2016 10:36 PM IST
विज्ञापन
kuchh ko do-do hajaar mile, kuchh ko vah bhee nahin
नकदी की किल्लत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बाजार और ग्राहकों के साथ ज्यादातर बैंक शाखाओं में भी नकदी की किल्लत बनी हुई है। गुरुवार को सैलरी और पेंशन डे पर ग्राहकों की भारी भीड़ जुटी। जिन बैंकों में कैश था, सिर्फ दो-दो हजार रुपये ही दिए। दो हजार रुपये मिलते देख तमाम लोग बैरंग लौट गए। नकदी नहीं मिलने से पेंशन और वेतन भोगियों को घर का खर्च चलाना भारी पड़ रहा है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि इस मुश्किल का हल कैसे निकलें।
विज्ञापन

केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, आईडीबीआई, एचडीएफसी, पीएनबी, ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त, अर्बन कोआपरेटिव सोसाइटी, सहकारी बैंक शाखाओं के खजाने गुरुवार को खाली रहे। सिर्फ सेंट्रल, एसबीआई, बीओबी में ग्राहकों को दो-दो हजार रुपये देकर लौटा दिया गया। सेंट्रल बैंक ने 90 लाख रुपये अलीगढ़ से मंगाए थे। यह रकम एटा के अलावा कासगंज और हाथरस में भी बांटी गई। एसबीआई में कुछ कैश पहले से था और कुछ आगरा से मंगा कर काम चलाया गया। गुरुवार को एसबीआई ने छोटे बैंकों को कैश दिया, लेकिन वहां भी एक घंटे में ही खत्म हो गया।  एसबीआई, केनरा और सेंट्रल बैंक के अफसर शुक्रवार को आरबीआई से कैश आने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन

इनसेट
पेटीएम सुविधा याद करते दिखे  
बैंकों की लाइन में लगकर वेतन और पेंशन का पैसा खाते से निकालने आए लोग गुरुवार को पेटीएम सुविधा को याद करते दिखाई दिए। ग्राहक बोले घर का खर्च चलाना है तो पेटीएम करो, वहीं कुछ लोग कहते नजर आए कि पेटीएम किसे और कहां करो। लोगों का कहना है कि आम दुकानदारों के पास पेटीएम की सुविधा और स्वैप मशीनें नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

------------------------
लोगों में दिखा रोष
कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के बैंक खाताें में ट्रेजरी से वेतन और पेंशन दोनों आ चुके हैं, लेकिन बैंक दो हजार रुपये ही लोगों को दे रहे हैं। इससे लोग परेशान हैं। पेंशन भोगियों का कहना है कि इतनी मुसीबत तो इमरजेंसी में भी नहीं आई थी। लोगों ने कहा कि मोदी सरकार का फैसला सही है, लेकिन लागू करने के लिए समय गलत चुनने के साथ करेंसी प्रबंधन बिगड़ने से यह परेशानी है।

---------------------
400 करोड़ की करेंसी लेने वाहन पहुंचे आरबीआई
केनरा, एसबीआई और सेंट्रल बैंक ने करीब 400 करोड़ रुपये करेंसी की डिमंाड आरबीआई को भेजी है। करेंसी लेने के लिए सभी बैंकों के वाहन आरबीआई पहुंच चुके हैं। करेंसी कब तक आएगी, इसका बैंकों को इंतजार है। बैंक अफसरों का मानना है कि शुक्रवार की सुबह तक करेंसी आ सकती है।
पेंशनभोगी रामकिशन शर्मा कहते हैं कि पेंशन एक तारीख को आ जाती है। मोबाइल पर मेसेज आ गया है, अब लाइन में लगा हूं। बैंक वाले कह रहे हैं कैश नहीं है।
पेंशनधारक जंट सिंह ने बताया कि पेंशन खाते में आ गई है। पहले 500-1000 के नोट जमा करने के लिए लाइन में लगा था। अब पेंशन के लिए लगा हूं।
शिक्षक विनय कुमार गुप्ता कहते हैं कि वेतन अभी खाते में आया नहीं है। पांच तारीख को वेतन आ जाएगा, लेकिन बैंक में कैश नहीं है।
शिक्षक विनोद यादव कहते हैं कि नोटबंदी के बाद परेशानी बढ़ रही है। स्कूल में पढ़ाना छोड़कर नोट बदलने और वेतन के लिए लाइन में लग रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed