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उत्तम मार्दव गुण मन माना...
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2015 11:19 PM IST
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पर्यूषण पर्व पर शनिवार को उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की गई। इस दौरान जैन मंदिरों में श्रावक-श्राविकाओं की भीड़ उमड़ी। सुबह जहां पूजन में भक्तों ने जिनेंद्र प्रभु को अघ्र्य समर्पित किए, वहीं शाम को आरती में भक्त जमकर झूमे।
विनय भाव को धारण करने और मान कषाय के दमन का संकल्प लिया गया। प्रेमनगर स्थित नशिया जैन मंदिर में श्रावकों ने प्रभु की भक्तिभाव से संगीतमय पूजा की। वहीं बड़े जैन मंदिर में प्रभु की पूजा-अर्चना को कतार लगी।
मुजफ्फरनगर से आए पंडित जयकुमार जैन ने कहा कि मार्दव का अर्थ मृदुता और उत्तम है। जीवन के विकास के लिए अहं का विसर्जन आवश्यक है, क्योंकि अहं से ग्रसित व्यक्ति में कभी भी समर्पण भाव नहीं आ सकता। वर्तमान में व्यक्ति सामान्य बनकर नहीं जीना चाहता। आज प्रत्येक मनुष्य कुछ विशेष दिखना चाहता है बस यही भाव अहंकार है। अभिमान को समाप्त करने के लिए जीवन में विनय होना जरूरी है। शाम को आरती में जमकर भक्तों के कदम थिरके। इस मौके पर सुरेश चंद्र जैन, विनय जैन, कैलाश जैन, अनुज जैन, आनंद जैन सुनील बांदा, रोहित जैन, प्रशांत जैन आदि मौजूद थे।
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आज होगा उत्तम आर्जव का पूजन
दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म का पूजन किया जाएगा। जैन महिला संगठन की अध्यक्ष बबिता जैन ने बताया कि दशलक्षण में श्रावक-श्राविकाएं व्रत व उपवास रखकर कर्मों की निर्जरा कर रहे हैं।
बच्चों ने निकाली प्रभातफेरी
सुबह पांच बच्चे से ही जैन धर्म के नारे गूंजते नजर आए। सुबह जानकीदास चौत्यालय से वीर मंडल के तत्वावधान में प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभातफेरी जयघोष के साथ भ्रमण करती हुई जैन गली स्थित मंदिर पर संपन्न हुई।
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विनय भाव को धारण करने और मान कषाय के दमन का संकल्प लिया गया। प्रेमनगर स्थित नशिया जैन मंदिर में श्रावकों ने प्रभु की भक्तिभाव से संगीतमय पूजा की। वहीं बड़े जैन मंदिर में प्रभु की पूजा-अर्चना को कतार लगी।
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मुजफ्फरनगर से आए पंडित जयकुमार जैन ने कहा कि मार्दव का अर्थ मृदुता और उत्तम है। जीवन के विकास के लिए अहं का विसर्जन आवश्यक है, क्योंकि अहं से ग्रसित व्यक्ति में कभी भी समर्पण भाव नहीं आ सकता। वर्तमान में व्यक्ति सामान्य बनकर नहीं जीना चाहता। आज प्रत्येक मनुष्य कुछ विशेष दिखना चाहता है बस यही भाव अहंकार है। अभिमान को समाप्त करने के लिए जीवन में विनय होना जरूरी है। शाम को आरती में जमकर भक्तों के कदम थिरके। इस मौके पर सुरेश चंद्र जैन, विनय जैन, कैलाश जैन, अनुज जैन, आनंद जैन सुनील बांदा, रोहित जैन, प्रशांत जैन आदि मौजूद थे।
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आज होगा उत्तम आर्जव का पूजन
दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म का पूजन किया जाएगा। जैन महिला संगठन की अध्यक्ष बबिता जैन ने बताया कि दशलक्षण में श्रावक-श्राविकाएं व्रत व उपवास रखकर कर्मों की निर्जरा कर रहे हैं।
बच्चों ने निकाली प्रभातफेरी
सुबह पांच बच्चे से ही जैन धर्म के नारे गूंजते नजर आए। सुबह जानकीदास चौत्यालय से वीर मंडल के तत्वावधान में प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभातफेरी जयघोष के साथ भ्रमण करती हुई जैन गली स्थित मंदिर पर संपन्न हुई।