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Etah News: पदावनति में फंसे निरीक्षक फिर पदोन्नति की कतार में
Mon, 02 Sep 2024 10:35 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 02 Sep 2024 10:35 PM IST
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एटा। जिले में रहे एक निरीक्षक प्रोन्नत होकर सीओ बन गए, लेकिन यहां एक फर्जी मुकदमे को लेकर उन पर कार्रवाई हुई और पदावनत कर निरीक्षक बना दिया गया। अब वह फिर पदोन्नति पाने के लिए सक्रिय हो गए हैं और सीओ बनने की कतार में लग गए हैं।
बात निरीक्षक सतीश यादव की हो रही है, जिनके अलीगंज थाना प्रभारी रहते हुए 2016 में एक शस्त्र फैक्टरी पकड़ी गई थी, लेकिन एक फर्जी नाम शामिल करने को लेकर पुलिस की काफी किरकिरी हुई, कई अधिकारियों पर जांच बैठीं। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश यादव के विरुद्ध अदालत के आदेश पर 14 अक्तूबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज हुई। उस समय तक उन्हें विभाग से पदोन्नति दी जा चुकी थी और सीओ के रूप में वह पुलिस मुख्यालय से संबद्ध थे। इसे लेकर पीड़ित ने उच्चाधिकारियाें को शिकायतें कीं। विभागीय जांच में भी उनके खिलाफ अधिकारियों ने प्रतिकूल रिपोर्टें दीं। आला अधिकारियों ने भी माना कि जांच में दोषी व्यक्ति को पदोन्नति कैसे दी गई? कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद उन्हें पदावनत कर निरीक्षक बना दिया गया।
वर्तमान में वह पुलिस मुख्यालय में ही संबद्ध हैं। हाल में पदोन्नति प्रक्रिया के लिए निरीक्षकों की सूची जारी की गई है। इसमें सतीश यादव का नाम शामिल है। हालांकि पीड़ित को अब भी एतराज है कि सभी जांचों में दोषी पाए जाने पर उन्हें पदोन्नति कैसे दी जा सकती है?
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बात निरीक्षक सतीश यादव की हो रही है, जिनके अलीगंज थाना प्रभारी रहते हुए 2016 में एक शस्त्र फैक्टरी पकड़ी गई थी, लेकिन एक फर्जी नाम शामिल करने को लेकर पुलिस की काफी किरकिरी हुई, कई अधिकारियों पर जांच बैठीं। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश यादव के विरुद्ध अदालत के आदेश पर 14 अक्तूबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज हुई। उस समय तक उन्हें विभाग से पदोन्नति दी जा चुकी थी और सीओ के रूप में वह पुलिस मुख्यालय से संबद्ध थे। इसे लेकर पीड़ित ने उच्चाधिकारियाें को शिकायतें कीं। विभागीय जांच में भी उनके खिलाफ अधिकारियों ने प्रतिकूल रिपोर्टें दीं। आला अधिकारियों ने भी माना कि जांच में दोषी व्यक्ति को पदोन्नति कैसे दी गई? कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद उन्हें पदावनत कर निरीक्षक बना दिया गया।
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वर्तमान में वह पुलिस मुख्यालय में ही संबद्ध हैं। हाल में पदोन्नति प्रक्रिया के लिए निरीक्षकों की सूची जारी की गई है। इसमें सतीश यादव का नाम शामिल है। हालांकि पीड़ित को अब भी एतराज है कि सभी जांचों में दोषी पाए जाने पर उन्हें पदोन्नति कैसे दी जा सकती है?
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