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मौसम का मिजाज बदला तो मरीजों की लगी कतार
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एटा। मौसम का मिजाज बदला तो मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हो गया है। दिन की चटक धूप और सुबह-शाम की ठंड लोगों को बीमार बना रही है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में सर्दी-जुखाम और बुखार के मरीज डेढ़ गुना तक पहुंच रहे हैं। रक्तचाप, हृदय, सांस रोगी और सीने में दर्द के मरीजों की संख्या भी कम नहीं है। सर्दी के दिनों में ओपीडी में 700 से 800 मरीज पहुंच रहे थे। अब 1100 से 1200 तक पहुंच रहे हैं।
बदलते मौसम में तापमान लगातार बदल रहा है। मंगलवार को दोपहर में यह 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। धूप इतनी तेज थी कि लोगों का उसमें लगातार बैठना मुश्किल था। अचानक गरमाहट बढ़ने से लोगों को दिन में गर्म कपड़े भी उतारने पड़े। जबकि सुबह का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा था। दिन की गर्मी देखकर लोग रात की सर्दी के प्रति लापरवाह रहते हैं। यही लापरवाही बीमारी का कारण बन रही है। तीन दिन में मौसम बदलने के साथ मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस रोग से संबंधित मरीज भी आ रहे हैं।
मौसम बदलने के दौरान बरतें सावधानी
जनरल फिजीशिनयन डॉ. एस. चंद्रा का कहना है कि बदलते मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम, बदन दर्द आदि के मरीजों की संख्या में इजाफा होता है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव की जरूरत है। सीने में जरा सा भी दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार लें। गर्म पानी पीएं। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। इन उपायों से सर्दी के साथ ही बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
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बदलते मौसम में तापमान लगातार बदल रहा है। मंगलवार को दोपहर में यह 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। धूप इतनी तेज थी कि लोगों का उसमें लगातार बैठना मुश्किल था। अचानक गरमाहट बढ़ने से लोगों को दिन में गर्म कपड़े भी उतारने पड़े। जबकि सुबह का तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा था। दिन की गर्मी देखकर लोग रात की सर्दी के प्रति लापरवाह रहते हैं। यही लापरवाही बीमारी का कारण बन रही है। तीन दिन में मौसम बदलने के साथ मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ी है। सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। इसके अलावा बदन दर्द, जोड़ों का दर्द और सांस रोग से संबंधित मरीज भी आ रहे हैं।
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मौसम बदलने के दौरान बरतें सावधानी
जनरल फिजीशिनयन डॉ. एस. चंद्रा का कहना है कि बदलते मौसम में सर्दी, खांसी, जुकाम, बदन दर्द आदि के मरीजों की संख्या में इजाफा होता है। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव की जरूरत है। सीने में जरा सा भी दर्द हो तो तत्काल चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार लें। गर्म पानी पीएं। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। इन उपायों से सर्दी के साथ ही बीमारियों से भी बचा जा सकता है।
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