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Etah News: शासन से होगी अस्पतालों की निगरानी, डॉक्टरों की बनेगी यूनिक आईडी
Fri, 19 May 2023 10:57 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 19 May 2023 10:57 PM IST
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एटा। डॉक्टर और कर्मचारियों को सरकारी सेवा के साथ निजी अस्पतालों में काम करना या फिर अपना अस्पताल चलाना आसान नहीं होगा। इस पर रोक लगाए जाने के उद्देश्य से शासन ने हेल्थ प्रोफेशनल रिकॉर्ड एचपीआर एप जारी किया है। इस पर सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों का ब्योरा अपलोड किया जाएगा। डॉक्टरों और कर्मचारियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड होने के बाद सभी को एक यूनिक आईडी जारी की जाएगी। शासन इस आईडी के माध्यम से इनकी गतिविधियों पर नजर रखेगा। मौजूदा समय में जिले में स्वास्थ्य विभाग के तहत कार्य करने वाले चिकित्सकों की संख्या 150 से अधिक है। इसी प्रकार एएनएम, स्टाफ नर्स की संख्या और सीएचओ को मिलाकर एक हजार से अधिक हैं। इन सभी का हेल्थ प्रोफेशनल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके बाद इसे मानव संपदा एप पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसी एप के माध्यम से डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक- एक गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो यदि कोई डॉक्टर और कर्मचारी सरकारी सेवा में रहते हुए निजी अस्पताल चलाता है। वह तत्काल पकड़ में आ जाएगा।
तबादलों के दौरान जो दिक्कतें आती हैं। वो काफी हद तक दूर हो जाएंगी। यदि किसी डॉक्टर या कर्मचारी की मौत हो जाती है। तो उसकी जानकारी एप के माध्यम से हो जाएगी। इस कवायद से डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने की तैयारी है। विभाग में कार्यरत डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, एएनएम व सीएचओ का डाटा एचपीआर पर अपलोड किया जा रहा है। शासन द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। जिसका पालन कराया जा रहा है। -डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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तबादलों के दौरान जो दिक्कतें आती हैं। वो काफी हद तक दूर हो जाएंगी। यदि किसी डॉक्टर या कर्मचारी की मौत हो जाती है। तो उसकी जानकारी एप के माध्यम से हो जाएगी। इस कवायद से डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगाए जाने की तैयारी है। विभाग में कार्यरत डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, एएनएम व सीएचओ का डाटा एचपीआर पर अपलोड किया जा रहा है। शासन द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। जिसका पालन कराया जा रहा है। -डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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