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Etah News: पानी नहीं दे रहे हैंडपंप, लोगों का सूख रहा कंठ
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शहर के पटियाली गेट पर खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद
पड़ताल-
एटा। गर्मी की तपिश बढ़ने लगी है राहगीरों व स्थानीय लोगों को पानी की जरूरत महसूस होने लगी है, लेकिन गला तर करने वाले हैंडपंप ही सूखे पड़े हैं। हकीकत यह है कि शहर में 300 से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनमें महीनों से पानी नहीं आ रहा है। नगर पालिका का जलकल अनुभाग सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है, लेकिन वास्तव में कई इलाकों में पेयजल की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। पड़ताल में पटियाली गेट, होली मोहल्ले, बस स्टैंड, ठंडी सड़क, पुरानी बस्ती, पीपल अड्डा समेत कई जगह हैंडपंप खराब मिले।
शहर में लगे हैंडपंप में ज्यादातर खराब पड़े हुए हैं। यहां करीब 1500 हैंडपंप हैं, जिसमें 300 से अधिक सूखे पड़े हैं। यहां महीनों से पानी नहीं आ रहा है। पटियाली गेट के राजीव गुप्ता ने बताया कि यह हैंडपंप अक्सर खराब ही रहता है। यही स्थिति रेवाड़ी मोहल्ले में कैलाश मंदिर के पीछे देखने को मिली। यहां के पीयूष जैन ने बताया कि हैंडपंप आए दिन खराब हो जाता है। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि रिबोर के नाम पर हर साल लाखों रुपये का बजट खपाया जा रहा है।
कई हैंडपंपों से आ रह गंदा पानी
सरकारी हैंडपंपों में कई मोहल्लों में गंदा और पीला पानी निकल रहा है जो कि पीने लायक नहीं हैं। इनमें मयूर विहार, गोविंद नगर, रेवाड़ी मोहल्ला, धाेबियान गली समेत कई मोहल्ले शामिल हैं। इसी तरह से कई मोहल्लों के हैंडपंपों में तकनीकी खराबी है। लोग गंदा पानी पीकर बीमार हो रहे हैं लेकिन जल निगम के अधिकारी व पालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
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100 हैंडपंप ही खराब होने का दावा
जेई नगर पालिका परिषद प्रमोद कुमार ने बताया कि शहर में 1500 हैडपंप हैं। अधिकतर खराब हैंडपंपों को रीबोर कराया जा चुका है। अब केवल 100 के करीब ही हैंडपंप खराब हैं। उन्हें भी जल्द ही ठीक का दिया जाएगा। अधिकतर इलाकों में पेयजल लाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने का काम हो रहा है। इस समय जो भी हैंडपंप खराब है उनको चिह्नित कर सूची तैयार कराई जा रही है।
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उबालकर पीएं पानी
शहर की फिजीशियन डा. नेहा की मानें तो दूषित जल शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इससे डायरिया, पीलिया के साथ ही आंत, लिवर और पेट में संक्रमण का खतरा हो सकता है। पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद छानकर पीने से बीमारियों से बचा जा सकता है।
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यह शहर का प्रमुख मार्ग है यहां कई अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं लेकिन हैंडपंप वर्षों से खराब पड़ा है। बीमार मरीज खराब हैंडपंप के कारण पानी खरीद कर पी रहे हैं।
लालू कश्यप, पटियाली गेट
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यहां हैंडपंप शोपीस बना खड़ा है। हैंडपंप का पानी पीने के लिए उपयोग करते थे। वर्षों से खराब पड़े होने के कारण समस्या होती है घरों में आरओ का पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है।
अंकित शर्मा, होली मोहल्ला
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एटा। गर्मी की तपिश बढ़ने लगी है राहगीरों व स्थानीय लोगों को पानी की जरूरत महसूस होने लगी है, लेकिन गला तर करने वाले हैंडपंप ही सूखे पड़े हैं। हकीकत यह है कि शहर में 300 से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हैं। इनमें महीनों से पानी नहीं आ रहा है। नगर पालिका का जलकल अनुभाग सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहा है, लेकिन वास्तव में कई इलाकों में पेयजल की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। पड़ताल में पटियाली गेट, होली मोहल्ले, बस स्टैंड, ठंडी सड़क, पुरानी बस्ती, पीपल अड्डा समेत कई जगह हैंडपंप खराब मिले।
शहर में लगे हैंडपंप में ज्यादातर खराब पड़े हुए हैं। यहां करीब 1500 हैंडपंप हैं, जिसमें 300 से अधिक सूखे पड़े हैं। यहां महीनों से पानी नहीं आ रहा है। पटियाली गेट के राजीव गुप्ता ने बताया कि यह हैंडपंप अक्सर खराब ही रहता है। यही स्थिति रेवाड़ी मोहल्ले में कैलाश मंदिर के पीछे देखने को मिली। यहां के पीयूष जैन ने बताया कि हैंडपंप आए दिन खराब हो जाता है। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि रिबोर के नाम पर हर साल लाखों रुपये का बजट खपाया जा रहा है।
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कई हैंडपंपों से आ रह गंदा पानी
सरकारी हैंडपंपों में कई मोहल्लों में गंदा और पीला पानी निकल रहा है जो कि पीने लायक नहीं हैं। इनमें मयूर विहार, गोविंद नगर, रेवाड़ी मोहल्ला, धाेबियान गली समेत कई मोहल्ले शामिल हैं। इसी तरह से कई मोहल्लों के हैंडपंपों में तकनीकी खराबी है। लोग गंदा पानी पीकर बीमार हो रहे हैं लेकिन जल निगम के अधिकारी व पालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
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100 हैंडपंप ही खराब होने का दावा
जेई नगर पालिका परिषद प्रमोद कुमार ने बताया कि शहर में 1500 हैडपंप हैं। अधिकतर खराब हैंडपंपों को रीबोर कराया जा चुका है। अब केवल 100 के करीब ही हैंडपंप खराब हैं। उन्हें भी जल्द ही ठीक का दिया जाएगा। अधिकतर इलाकों में पेयजल लाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने का काम हो रहा है। इस समय जो भी हैंडपंप खराब है उनको चिह्नित कर सूची तैयार कराई जा रही है।
उबालकर पीएं पानी
शहर की फिजीशियन डा. नेहा की मानें तो दूषित जल शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इससे डायरिया, पीलिया के साथ ही आंत, लिवर और पेट में संक्रमण का खतरा हो सकता है। पानी को उबालकर ठंडा करने के बाद छानकर पीने से बीमारियों से बचा जा सकता है।
यह शहर का प्रमुख मार्ग है यहां कई अल्ट्रासाउंड सेंटर हैं लेकिन हैंडपंप वर्षों से खराब पड़ा है। बीमार मरीज खराब हैंडपंप के कारण पानी खरीद कर पी रहे हैं।
लालू कश्यप, पटियाली गेट
यहां हैंडपंप शोपीस बना खड़ा है। हैंडपंप का पानी पीने के लिए उपयोग करते थे। वर्षों से खराब पड़े होने के कारण समस्या होती है घरों में आरओ का पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है।
अंकित शर्मा, होली मोहल्ला

शहर के पटियाली गेट पर खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद

शहर के पटियाली गेट पर खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद

शहर के पटियाली गेट पर खराब पड़ा हैंडपंप। संवाद