फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Hailstorm destroys crops, farmers worried

Etah News: ओलावृष्टि से फसल हुई चौपट, किसान परेशान

Sun, 05 Apr 2026 08:46 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 05 Apr 2026 08:46 PM IST
विज्ञापन
Hailstorm destroys crops, farmers worried
मारहरा कस्बा में रविवार शाम गिरे ओले को ​दिखाता युवक। संवाद
एटा। मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने जिलेभर के किसानों को झकझोर के रख दिया है। ओलावृष्टि और तेज हवा से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मारहरा और शहरी क्षेत्र के आसपास के कई गांवों में लगभग 15 मिनट तक ओलावृष्टि होने से खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल बर्बाद हो गई।
विज्ञापन


इस ओलावृष्टि से करीब 200 बीघा से अधिक गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई दिनों से जिले में हो रही बारिश के बाद रविवार की शाम को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। वर्तमान में खेतों में गेहूं की कटाई का काम चल रहा है। अधिकांश खेतों में कटी हुई फसल पड़ी थी जो ओलावृष्टि के कारण पूरी तरह से भीग गई।
विज्ञापन

रविवार को मारहरा क्षेत्र के गांव मोद्दिनपुर, मोतीपुर व कंचनगड़ी में दिन में मौसम सही रहा और शाम को अचानक ओलावृष्टि होने लगी। बिना मौसम के ओलावृष्टि से किसान चिंतित हो गए। अप्रैल माह में किसानों की गेहूं की फसल अधपकी खड़ी है। मारहरा क्षेत्र के पश्चिम क्षेत्र के मोहनपुरा, पिवारी, मारहरा के स्टेशन की साइट में मटर की खेती भारी मात्रा में होती है जिसमें यहां के स्थानीय किसान मटर की फसल पर जब मटर की फली तैयार होती है तभी गेहूं का बीज उसमें बिखेर देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे किसान की मटर तो जल्दी टूट जाती हैं लेकिन गेहूं उसी में रह जाता है जो कि समय से न पककर मई जून में जाकर पकता है। इसलिए अभी अप्रैल माह में अधपकी रह जाती हैं लेकिन बिना मौसम के हुई इस ओलावृष्टि और आंधी ने किसानों की फसल को बर्बाद कर दिया। गेहूं खेतों में ही बिछ गया जिससे उसकी वृद्धि रुक गई
शनिवार को भी हुई बारिश
शनिवार शाम होते ही मौसम में बदलाव हुआ। तेज हवा के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। अचानक आए तीन दिनों से इस परिवर्तन का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा। हवा की तीव्रता इतनी रही कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल झुक गई। किसानों का कहना है कि फसल के गिरने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। कृषि मौसम विज्ञान केंद्र अवागढ़ प्रभारी एसके सिंह ने कहा कि आगामी एक-दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और दुआ कर रहे हैं कि मौसम और न बिगड़े जिससे महीनों की मेहनत पर पानी न फिर जाए।
बारिश से किसान हुए परेशान
सकीट। दो दिनों से जिले में शाम के समय अचानक बदले मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। तेज हवा के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी व कटी पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। लगातार बिगड़ते मौसम के कारण किसान समय पर कटाई नहीं कर पा रहे हैं जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। रविवार को हुई बारिश के बाद किसान अपनी फसल को लेकर परेशान है। किसानों का कहना है कि फसल पूरी तरह तैयार है। कुछ हिस्से की कटाई हो चुकी है लेकिन मौसम खराब होने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसान दुर्वीन शाक्य ने बताया कि उनके दस बीघा खेतों में गेहूं की फसल खड़ी है। कुछ ही हिस्से की कटाई हो पाई है। अनेकपाल का कहना है कि किसान पूरे साल के गुजारे के लिए गेहूं की फसल पर निर्भर रहते हैं। फसल तैयार होते ही मौसम बिगड़ना शुरू हो गया है। कई दिनों से हो रही बूंदाबांदी ने चिंता बढ़ा दी है। यदि ओलावृष्टि हुई तो उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
----------
तेज आंधी-बारिश से 15 खंभे गिरे 10 घंटे गुल रही बिजली
जलेसर। तेज आंधी व मूसलाधार बारिश ने शनिवार को क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। कुदरत के कहर का सबसे बड़ा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ा जहां बेरनी बिजलीघर क्षेत्र में करीब 15 विद्युत पोल धराशायी हो गए। पोल व तार टूटने से नगला गिरधारी, नगला बलजीत, नगला भजन, सती और ऊंचागांव सहित आधा दर्जन गांव अंधेरे में डूब गए।
अचानक बिजली ठप होने से ग्रामीणों को पानी व रोशनी के अभाव में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। देर रात तक गांवों में सन्नाटा पसरा रहा और लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ा। सूचना मिलते ही विभाग ने तुरंत सक्रियता दिखाई। अवर अभियंता जितेंद्र कुमार पटेल के निर्देशन में लाइनमैनों की टीम मौके पर पहुंची और रातभर मरम्मत कार्य जारी रखा। तेज हवा से गिरे खंभों और क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में पूरी टीम लगी रही। रविवार सुबह बिजली आपूर्ति बहाल होते ही गांवों में रौनक लौट आई और लोगों ने राहत की सांस ली।
---------
गेहूं व तंबाकू की फसलें चौपट, किसानों की मेहनत पर पानी फिरा
अलीगंज। देर रात आई तेज आंधी व बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। अचानक बदले मौसम ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त किया वहीं खेतों में खड़ी व कटी पड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। तेज हवाओं के झोंकों से कई स्थानों पर गेहूं की फसल मैदान में बिछ गई जबकि कटी फसल भीगने से दाने काले पड़ने और चमक घटने का खतरा बढ़ गया है। इससे बाजार मूल्य पर सीधा असर पड़ सकता है।
उधर तंबाकू की फसल भी आंधी-बारिश से नहीं बच सकी। खेतों में जलभराव होने से तंबाकू की पत्तियां लाल पड़ने लगी हैं जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही हैं। किसान आनंद ने बताया कि उनकी करीब 10 बीघा गेहूं की फसल गिरकर खराब हो गई। वहीं किसान सुनील ने कहा कि तंबाकू के खेत में पानी भर गया है और पत्तियां खराब होने लगी हैं, जिससे पूरी फसल बर्बाद होने की आशंका है।
----------
40 बीघा गेहूं किया था बारिश होने से काला पड़ गया है। शनिवार शाम को हुई तेज बारिश से गेहूं भीगने के कारण अंकुरित हो सकता है और भूसा भी जल्दी खराब होने की आशंका है। -सूरजपाल, नगला भजन

-------
बारिश से गेहूं काला पड़ने लगा है अब लंबे समय तक संग्रहित नहीं किया जा सकता भीगने की वजह से कीमत भी बहुत कम हो गई है अब तो लागत निकलने की उम्मीद भी नहीं है। -शीलेंद्र सिंह, लोहचा

मारहरा कस्बा में रविवार शाम गिरे ओले को दिखाता युवक। संवाद

मारहरा कस्बा में रविवार शाम गिरे ओले को दिखाता युवक। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed