{"_id":"58a9de104f1c1b0970d84e82","slug":"ghantaaghar-kee-ghadee-kaee-saalon-se-padee-hai-kharaab","type":"story","status":"publish","title_hn":"घंटाघर की घड़ी कई सालों से पड़ी है खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घंटाघर की घड़ी कई सालों से पड़ी है खराब
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Feb 2017 11:45 PM IST
विज्ञापन
घंटाघर की घड़ी खराब
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहते हैं घर में घड़ी की रुकी हुई सुई नहीं होनी चाहिए, मान्यता है कि इससे जीवन की रफ्तार रुक जाती है। लेकिन अपने शहर की नाक घंटाघर में लगी घड़ी की वर्षों से रुकी धड़कन शायद शहर के लोगों को यही संदेश दे रही है। घड़ी सुइयां और पुर्जे जर्जर हालत में हैं। जहां घंटाघर है वहां आसपास कंजेस्टेड एरिया है। घंटाघर से पचास कदम दूरी पर पूरे प्रदेश को जोड़ने वाला हाईवे-91 है। अगर यहां जाम लगता है तो दो से तीन घंटे फंसना आम बात है और तो और घंटाघर के ऊपर बनी चार मीनारों में एक मीनार जर्जर हालत में है।
शहर के घंटाघर के पास किराना, सब्जी, फल के ठेले लगने से हर वक्त गंदगी और बदबू फैली रहती है। दुकानदारों ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर लिया है। फलों, सब्जियों और दुकानों का कूड़ा सड़क पर पड़ा दिखाई देता है। अब न तो जनता को सिविक सेंस रहा और न ही यहां के जिम्मेदार लोगों को इसकी फिक्र है। नगर पालिका के अफसरों को भी पता है कि ये घड़ी ऐसे ठीक नहीं होगी। लेकिन वे कुछ कर तो सकते हैं, लेकिन कुछ कर नहीं रहे। पालिका चेयरमैन राकेश गांधी का कहना है कि घड़ी की मरम्मत के लिए बरेली में कारीगर को तलाश किया जा रहा है। घंटाघर में लगी घड़ी बैलेंसिंग सिस्टम से चलती है। घड़ी के चारो ओर बनी चार मीनारों में से एक मीनार जर्जर हालत में है, लेकिन जिम्मेदारों ने इसकी सुध नहीं ली। अब पालिका चेयरमैन राकेश गांधी एक सप्ताह की बात कह कर घंटाघर पर लगी वर्षाेें से बंद घड़ी के चलने और जर्जर मीनार की मरम्मत कराने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
शहर के घंटाघर के पास किराना, सब्जी, फल के ठेले लगने से हर वक्त गंदगी और बदबू फैली रहती है। दुकानदारों ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर लिया है। फलों, सब्जियों और दुकानों का कूड़ा सड़क पर पड़ा दिखाई देता है। अब न तो जनता को सिविक सेंस रहा और न ही यहां के जिम्मेदार लोगों को इसकी फिक्र है। नगर पालिका के अफसरों को भी पता है कि ये घड़ी ऐसे ठीक नहीं होगी। लेकिन वे कुछ कर तो सकते हैं, लेकिन कुछ कर नहीं रहे। पालिका चेयरमैन राकेश गांधी का कहना है कि घड़ी की मरम्मत के लिए बरेली में कारीगर को तलाश किया जा रहा है। घंटाघर में लगी घड़ी बैलेंसिंग सिस्टम से चलती है। घड़ी के चारो ओर बनी चार मीनारों में से एक मीनार जर्जर हालत में है, लेकिन जिम्मेदारों ने इसकी सुध नहीं ली। अब पालिका चेयरमैन राकेश गांधी एक सप्ताह की बात कह कर घंटाघर पर लगी वर्षाेें से बंद घड़ी के चलने और जर्जर मीनार की मरम्मत कराने की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन