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गंगा तट पर बढ़ती जा रही है कांवड़ियों की भीड़

Sat, 18 Feb 2017 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 18 Feb 2017 11:34 PM IST
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ganga tat par badhatee ja rahee hai kaanvadiyon kee bheed
कांवड़ मेला - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शनिवार को भिंड और मुरैना इलाके के कांवड़ियों की टोलियां लहरा गंगा तट पर कांवड़ भरने पहुंची। गंगा तट पर कांवड़ियों ने गंगा स्नान कर पूजा अर्चना करते हुए गंगाजली में गंगाजल भरकर कांवड़ों में रखा। इसके बाद यह टोलियां गंगा मैय्या के जयकारे लगाते हुए गंतव्य की ओर रवाना हो गईं।
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जैसे जैसे महाशिवरात्रि का समय नजदीक आ रहा है उसी क्रम में कांवड़ियों की टोलियों की दूरी भी कम हो रही है। शिवपुरी, ग्वालियर के बाद अब उससे पहले पड़ने वाले क्षेत्र मुरैना, भिंड इलाके के कांवड़िये पहुंचना शुरू हो गए हैं। गंगा घाट पर लगातार कांवड़ मेले की धूम बढ़ रही है। बाजारों में सजाई जाने वाली दुकानों की संख्या भी बढ़ रही है। शिव भक्ति का नजारा भी बनता जा रहा है। कांवड़ियों का उत्साह देखने लायक होता है। लहरा गंगा घाट पर प्रशासन की व्यवस्थाएं अभी तक दिखाई नहीं दे रहीं,  लेकिन कांवड़ियों की आस्था ऐसी है कि उन्हें न उन्हें व्यवस्थाओं का अभाव खलता है और न ही असुविधा। उनका लक्ष्य तो गंगा और शिव की भक्ति का है। उनकी जुबान पर भोले और गंगा के जयकारे ही सुनाई देते हैं।
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मुरैना के गुलाब का पुरा गांव के निवासी रामऔतार की तो गंगा और शिव में अटूट आस्था है वह अब तक लगातार भगवान भोलेनाथ कांवड़ के गंगाजल से अभिषेक कर चुके हैं। इस बार वह चौदहवीं बार कांवड़ लेकर मुरैना के लिए रवाना हुए। उनका इक्कीस कांवड़ भोले को अर्पित करने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि भोले की इतनी असीम कृपा रहती है कि बिना किसी व्यवधान के वह फलाहार करते हुए छह दिन में गंतव्य में पहुंचकर कांवड़ चढ़ाते हैं। मुरैना की महिला गुड्डी बाई पहली बार कांवड़ लेने के लिए यहां पहुंची हैं। 45 साल की उनकी उम्र है, लेकिन उनके मन में शिव के प्रति अटूट आस्था थी। वह भी शनिवार को कांवड़ लेकर गंतव्य को रवाना हुईं। निहाल सिंह ने बताया कि सब भोले की कृपा का प्रताप है। उन्हीं की प्रेरणा है। मनोकामना पूरी करने के लिए उन्होंने कांवड़ उठाई है। मुरैना के ही मेघ सिंह करोरिया का कहना था कि वह भी पहली बार कांवड़ लेने आए हैं। उनके मन में उत्साह है।
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