{"_id":"5e764f238ebc3e769666fba8","slug":"ganga-etah-news-agr4349325100","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा की धारा की मांग आखिर कब होगी पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा की धारा की मांग आखिर कब होगी पूरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोरों (कासगंज)। तीर्थनगरी मेें हरि की पैड़ी की बहती धारा का सपना आखिर कब पूरा होगा। तीर्थनगरी के लोग काफी समय से इसकी मांग कर रहे हैं। अभी बंबा के सहारे पानी भेजा जाता है। जबकि लोगों की मांग है कि इसे गंगा की धार से सीधे जोड़ा जाए।
हरि पदी कुंड में गंगाजल की आपूर्ति के लिए सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में गोरहा गंगा कैनाल से 7 किमी लंबे बंबा का निर्माण कराया गया था। इस बंबे से भी नियमित रूप से जल न आने से हरि पदी में अक्सर जल का संकट पैदा हो जाता है। लोगों ने प्रदेश सरकार से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
- हरि की पदी का पौराणिक महत्व है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। - मदन मोहन दीक्षित, तीर्थ पुरोहित
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट सोरों पालिका बोर्ड, जिलाधिकारी, संासद, विधायक अनुमोदित करके मुख्यमंत्री को भेज चुके हैं। - रामेश्वर दयाल, भाजपा सोरों देहात मंडल प्रभारी।
विज्ञापन
- हरि की पदी को गंगा धारा से जोड़कर सौंदर्यीकरण कराया जाए। - अंकुर पाराशर, तीर्थ नगरी निवासी।
- विहिप के केंद्रीय नेतृत्व को प्रदेश सरकार द्वारा सोरों तीर्थ की उपेक्षा से अवगत करा दिया है। - हेमेंद्र शर्मा, विहिप नेता।
विज्ञापन
हरि पदी कुंड में गंगाजल की आपूर्ति के लिए सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में गोरहा गंगा कैनाल से 7 किमी लंबे बंबा का निर्माण कराया गया था। इस बंबे से भी नियमित रूप से जल न आने से हरि पदी में अक्सर जल का संकट पैदा हो जाता है। लोगों ने प्रदेश सरकार से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।
विज्ञापन
- हरि की पदी का पौराणिक महत्व है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। - मदन मोहन दीक्षित, तीर्थ पुरोहित
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट सोरों पालिका बोर्ड, जिलाधिकारी, संासद, विधायक अनुमोदित करके मुख्यमंत्री को भेज चुके हैं। - रामेश्वर दयाल, भाजपा सोरों देहात मंडल प्रभारी।
विज्ञापन
- हरि की पदी को गंगा धारा से जोड़कर सौंदर्यीकरण कराया जाए। - अंकुर पाराशर, तीर्थ नगरी निवासी।
- विहिप के केंद्रीय नेतृत्व को प्रदेश सरकार द्वारा सोरों तीर्थ की उपेक्षा से अवगत करा दिया है। - हेमेंद्र शर्मा, विहिप नेता।