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दहेज हत्या की झूठा मुकदमा लिखाने वालों पर होगी कार्रवाई
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एटा। दहेज हत्या का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले अदालत में बुरे फंस गए हैं। कोर्ट में गवाह के मुकर जाने और विवेचक द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मामला झूठा पाए जाने पर वादी और गवाहों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
थाना जलेसर में 10 जुलाई 2016 को चरन सिंह पुत्र कल्याण सिंह निवासी गांव शीतलपुर थाना कोतवाली नगर ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि बहन रूशमा की शादी 15 जुलाई 2013 को राजेश पुत्र प्रेम सिंह निवासी रसीदपुर थाना जलेसर के साथ हुई थी। अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर बहन को प्रताड़ित किया और मांग पूरी नहीं होने पर फंदा लगाकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पति राजेश, देवर रामनिवास, गिरीश व अनिल पुत्रगण प्रेमसिंह व सास कस्तूरी देवी व ससुर प्रेम सिंह व ननद कमलेश देवी को आरोपी बनाया गया।
मामले की सुनवाई जिला जज रेनू अग्रवाल की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी रेशपाल सिंह की ओर से पैरवी की गई। विवेचक की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मामला विद्वान न्यायाधीश रेनू अग्रवाल ने झूठा पाया। इसके बाद वादी चरन सिंह, गवाह लल्लू सिंह, तहेंद्र सिंह, कुंवरपाल, राजेश कुमार व सुरेमा देवी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर धारा 344 के तहत कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस झूठे केस में आरोपी बनाया गया राजेश जिला कारागार में निरूद्ध है उसकी रिहाई के भी आदेश दिए गए हैं।
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थाना जलेसर में 10 जुलाई 2016 को चरन सिंह पुत्र कल्याण सिंह निवासी गांव शीतलपुर थाना कोतवाली नगर ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया गया था कि बहन रूशमा की शादी 15 जुलाई 2013 को राजेश पुत्र प्रेम सिंह निवासी रसीदपुर थाना जलेसर के साथ हुई थी। अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर बहन को प्रताड़ित किया और मांग पूरी नहीं होने पर फंदा लगाकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पति राजेश, देवर रामनिवास, गिरीश व अनिल पुत्रगण प्रेमसिंह व सास कस्तूरी देवी व ससुर प्रेम सिंह व ननद कमलेश देवी को आरोपी बनाया गया।
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मामले की सुनवाई जिला जज रेनू अग्रवाल की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी रेशपाल सिंह की ओर से पैरवी की गई। विवेचक की ओर से जुटाए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मामला विद्वान न्यायाधीश रेनू अग्रवाल ने झूठा पाया। इसके बाद वादी चरन सिंह, गवाह लल्लू सिंह, तहेंद्र सिंह, कुंवरपाल, राजेश कुमार व सुरेमा देवी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर धारा 344 के तहत कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस झूठे केस में आरोपी बनाया गया राजेश जिला कारागार में निरूद्ध है उसकी रिहाई के भी आदेश दिए गए हैं।
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