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Etah News: नहीं लगाई दरबार में हाजिरी तो जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं होगा जारी
Sat, 12 Sep 2026 10:54 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 12 Sep 2026 10:54 PM IST
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मिरहची। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके बाद कई माह बीत जाने के बाद भी लोगों को प्रमाणपत्र नहीं मिल रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र की ऑनलाइन व्यवस्था होने के बाद भी पंचायत सचिव बिना सुविधा शुल्क लिए प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहे हैं। प्रमाणपत्र नहीं होने से स्कूल में बच्चों को असुविधा हो रही है वहीं कागजातों में नामांतरण में भी परेशानी हो रही है।
क्षेत्र के गांव डुंडिया की निवासी मुनीशा ने बताया कि कैंसर से पीड़ित उसकी सास रामधारा की पांच माह पहले मृत्यु हो गई थी। उसके पति बाहर मजदूरी करते हैं। सास के बैंक खाते और जमीन की फौती दर्ज कराने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र की आवश्यकता होने पर ऑनलाइन आवेदन किया था। पांच माह का समय बीत जाने पर भी प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका है। कई बार ब्लॉक कार्यालय पहुंचने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। मुनीशा ने कहा सुविधा शुल्क देने की उसके पास व्यवस्था न होने पर सास का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के गांव प्रसादपुर निवासी रविंद्र सिंह ने अपने दो बच्चों आरव और प्राची के जन्म प्रमाणपत्र के लिए परेशान हैं। रविंद्र ने बताया कि अप्रैल माह में दाखिले के समय जन्म प्रमाणपत्र बाद में देने को बोल दिया था। जन्म प्रमाणपत्र जारी न होने पर स्कूल में बच्चों को रोजाना टोका जाता है। पांच माह पहले ऑनलाइन आवेदन किया था।
इस संबंध में पंचायत सचिव ने कहा रविंद्र ने कभी उनसे आकर नहीं मिले। ऑनलाइन आवेदन के बाद पंचायत सचिव से व्यक्तिगत मुलाकात करने पर ही प्रमाणपत्र जारी होते हैं। न मिलने पर प्रमाणपत्र लंबित पड़े रहते हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा ब्लॉक में कोई काम बिना सुविधा शुल्क के नहीं होता है। लोगों ने जिलाधिकारी से सुविधा शुल्क व्यवस्था पर अंकुश लगाने की मांग की है, ताकि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो सकें।
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वर्जन
जो भी आवेदक हैं, वह संपर्क करें। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र क्यों लंबित हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी। - सुधाकर दुबे, बीडीओ
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क्षेत्र के गांव डुंडिया की निवासी मुनीशा ने बताया कि कैंसर से पीड़ित उसकी सास रामधारा की पांच माह पहले मृत्यु हो गई थी। उसके पति बाहर मजदूरी करते हैं। सास के बैंक खाते और जमीन की फौती दर्ज कराने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र की आवश्यकता होने पर ऑनलाइन आवेदन किया था। पांच माह का समय बीत जाने पर भी प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका है। कई बार ब्लॉक कार्यालय पहुंचने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। मुनीशा ने कहा सुविधा शुल्क देने की उसके पास व्यवस्था न होने पर सास का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के गांव प्रसादपुर निवासी रविंद्र सिंह ने अपने दो बच्चों आरव और प्राची के जन्म प्रमाणपत्र के लिए परेशान हैं। रविंद्र ने बताया कि अप्रैल माह में दाखिले के समय जन्म प्रमाणपत्र बाद में देने को बोल दिया था। जन्म प्रमाणपत्र जारी न होने पर स्कूल में बच्चों को रोजाना टोका जाता है। पांच माह पहले ऑनलाइन आवेदन किया था।
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इस संबंध में पंचायत सचिव ने कहा रविंद्र ने कभी उनसे आकर नहीं मिले। ऑनलाइन आवेदन के बाद पंचायत सचिव से व्यक्तिगत मुलाकात करने पर ही प्रमाणपत्र जारी होते हैं। न मिलने पर प्रमाणपत्र लंबित पड़े रहते हैं। क्षेत्र के लोगों ने कहा ब्लॉक में कोई काम बिना सुविधा शुल्क के नहीं होता है। लोगों ने जिलाधिकारी से सुविधा शुल्क व्यवस्था पर अंकुश लगाने की मांग की है, ताकि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जारी हो सकें।
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जो भी आवेदक हैं, वह संपर्क करें। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र क्यों लंबित हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी। - सुधाकर दुबे, बीडीओ