{"_id":"6a7237a82c5f18588c0650cc","slug":"etah-news-skin-patients-etah-news-c-163-1-eta1004-154483-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: बारिश में बढ़ रहे त्वचा के मरीज, 450 को दिया गया उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: बारिश में बढ़ रहे त्वचा के मरीज, 450 को दिया गया उपचार
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
एटा। लगातार हो रही बारिश के कारण एटा मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विभाग में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। बारिश के मौसम में गंदे पानी में भीगने से एक्जिमा और स्केबीज जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों में काफी वृद्धि हुई है। सोमवार को अकेले त्वचा रोग विभाग में 450 मरीजों को उपचार दिया गया।
मंगलवार को भी सुबह 8 बजे से ही मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर स्थित त्वचा रोग विभाग में मरीजों की लंबी लाइन लग गई थी। करीब आधे घंटे बाद चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे, तब तक लाइन में 50 से अधिक मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
बारिश जनित त्वचा रोगों का प्रकोप त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना ने बताया कि बारिश के मौसम में लोगों को सबसे अधिक त्वचा संबंधी परेशानियां हो रही हैं। गंदे पानी के संपर्क में आने से एक्जिमा और स्केबीज जैसी बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग में रोजाना एक्जिमा के लगभग 60 और स्केबीज के 150 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
एक्जिमा और स्केबीज के लक्षण
डॉ. वंदना के अनुसार, एक्जिमा से प्रभावित लोगों के हाथ-पैरों में फफोले पड़ जाते हैं और छोटी-छोटी फुंसियां निकल आती हैं। इसके अलावा, दाद, खाज, ददोरे और लाल चकत्ते जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज भी उपचार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश के मौसम में बच्चे गंदे पानी में खेलते हैं, जिससे उनके चेहरे और सिर पर फुंसियां निकल रही हैं। ऐसे बच्चों का भी उपचार किया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यानः
- बारिश में भीगने से बचें।
- गंदे पानी में बच्चों को खेलने से रोकें।
- त्वचा संबंधी बीमारी होने पर तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।
- त्वचा को सूखा रखें।
- बारिश में भीगने पर गीले कपड़ें ज्यादा देर तक न पहनें।
विज्ञापन
मंगलवार को भी सुबह 8 बजे से ही मेडिकल कॉलेज के प्रथम तल पर स्थित त्वचा रोग विभाग में मरीजों की लंबी लाइन लग गई थी। करीब आधे घंटे बाद चिकित्सक ओपीडी में पहुंचे, तब तक लाइन में 50 से अधिक मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
विज्ञापन
बारिश जनित त्वचा रोगों का प्रकोप त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना ने बताया कि बारिश के मौसम में लोगों को सबसे अधिक त्वचा संबंधी परेशानियां हो रही हैं। गंदे पानी के संपर्क में आने से एक्जिमा और स्केबीज जैसी बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग में रोजाना एक्जिमा के लगभग 60 और स्केबीज के 150 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
एक्जिमा और स्केबीज के लक्षण
डॉ. वंदना के अनुसार, एक्जिमा से प्रभावित लोगों के हाथ-पैरों में फफोले पड़ जाते हैं और छोटी-छोटी फुंसियां निकल आती हैं। इसके अलावा, दाद, खाज, ददोरे और लाल चकत्ते जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज भी उपचार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बारिश के मौसम में बच्चे गंदे पानी में खेलते हैं, जिससे उनके चेहरे और सिर पर फुंसियां निकल रही हैं। ऐसे बच्चों का भी उपचार किया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यानः
- बारिश में भीगने से बचें।
- गंदे पानी में बच्चों को खेलने से रोकें।
- त्वचा संबंधी बीमारी होने पर तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करें।
- त्वचा को सूखा रखें।
- बारिश में भीगने पर गीले कपड़ें ज्यादा देर तक न पहनें।