{"_id":"6a1f397d6dd449c295086a49","slug":"etah-news-eve-teasing-4-year-jail-etah-news-c-163-1-eta1013-151468-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: किशोरी से छेड़छाड़ के दोषी को चार वर्ष कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: किशोरी से छेड़छाड़ के दोषी को चार वर्ष कारावास
विज्ञापन
एटा। वर्ष 2019 में एक किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में पॉक्सो एक्सक्लूसिव कोर्ट ने आरोपी मोहन सिंह को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने उसे चार वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीकृष्ण यादव ने केस की पैरवी की। उन्होंने बताया कि यह घटना 15 मई 2019 की शाम आठ बजे की है। कोतवाली देहात क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उनकी 14 वर्षीय धेवती गांव में नल पर पानी भरने गई थी। रास्ते में मोहन सिंह ने उसे जबरन अपने घर में खींच लिया। आरोपी ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ की। किशोरी के चिल्लाने पर गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी मोहन सिंह धमकी देता हुआ वहां से भाग गया। पुलिस ने मोहन सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचक ने मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा ने सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार किया। इसके बाद न्यायालय ने मोहन सिंह को दोषी करार दिया। उसे चार वर्ष कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीकृष्ण यादव ने केस की पैरवी की। उन्होंने बताया कि यह घटना 15 मई 2019 की शाम आठ बजे की है। कोतवाली देहात क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया कि उनकी 14 वर्षीय धेवती गांव में नल पर पानी भरने गई थी। रास्ते में मोहन सिंह ने उसे जबरन अपने घर में खींच लिया। आरोपी ने किशोरी के साथ छेड़छाड़ की। किशोरी के चिल्लाने पर गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी मोहन सिंह धमकी देता हुआ वहां से भाग गया। पुलिस ने मोहन सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 506 और पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचक ने मामले में आरोप पत्र दाखिल किया था। न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा ने सभी साक्ष्यों और गवाहों पर विचार किया। इसके बाद न्यायालय ने मोहन सिंह को दोषी करार दिया। उसे चार वर्ष कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
विज्ञापन